अलविदा मुस्तफा : कल तिरंगे में लिपटकर उदयपुर आएगा हमारा सपूत, मां के सपने को किया था पूरा

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अरुणाचल प्रदेश में मिलिट्री हेलिकॉप्टर क्रैश में शहीद हुआ खेरोदा का लाल, लेकसिटी में होगी सुपुर्द-ए-खाक की रस्म, सबकी आंखें हुईं नम

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अरुणाचल प्रदेश के सियांग में बीती शाम को कैश हुए मिलिट्री हेलिकॉप्टर रुद्र में शहीद हुए उदयपुर के जाबांज सपूत मेजर मुस्तफा जकीउद्दीन बोहरा की पार्थिव देह रविवार को यहां पहुंचेगी। खांजीपीर में उनकी पार्थिव देह को सुपुर्द ए खाक किया जाएगा। नौ वर्ष से भारतीय सेना में कार्य कर रहे मुस्तफा तीन साल पहले ही पायलट बने थे। सेना में दो बार उनका प्रमोशन हुआ शुक्रवार को उड़ान भरने से पहले मुस्तफा ने अपनी मंगेतर से बात की थी। इसी साल 11 जनवरी को दोनों की सगाई हुई थी और शादी अगले वर्ष अप्रैल में होने वाली थी। हैलिकॉप्टर क्रैश होने की जानकारी सबसे पहले मुस्तफा की मां और छोटी बहन को फोन पर मिली। दुखद हादसे के बाद से मां सदमे में हैं, जबकि पिता कुवैत में नौकरी करते हैं। बेटे के शहीद होने की खबर सुनकर वे वहां से रवाना होकर शनिवार को उदयपुर पहुंचे।

जिसने भी सुना सन्न रह गया, सबको रुसवा किया

मुस्तफा जनवरी में उदयपुर आए, थे। इस दौरान उनकी सगाई और परिवार में एक शादी का आयोजन था। परिवार के सदस्य इसी दौरान उनसे आखिरी बार मिले थे। उनकी होने वाली जीवनसंगिनी भी पुणे में रहकर एमबीए कर रही हैं शहर की अजंता गली में पिछले सात वर्षों से रहने वाली मुस्तफा की मां फातिमा बोहरा गृहिणी हैं। छोटी बहन एलेफिया डेंटिस्ट की पढ़ाई कर चुकी हैं। मुस्तफा ने भी बीटेक की पढ़ाई करने के बाद आर्मी की परीक्षा दी थी। किराए के आवास में रहने के दौरान ही परिवार ने साइफन इलाके में नया घर बनाने की योजना बनाई और उसका निर्माण कार्य जारी है। यह परिवार मूल रूप से जिले के खेरोदा गांव का है।

बोहरा समाज व्यवसाय करने वाली कौम, मां का सपना था आर्मी में जाना

गमगीन परिजन मुस्तफा के परिवार के लोगों ने बताया कि बचपन से उसके मन में देशभक्ति की भावना उमड़ती थी। बड़े पापा आबिद अली ने बताया कि बीती शाम को मुस्तफा के हेलिकॉप्टर क्रॅश की जानकारी मिली। मुस्तफा उनके परिवार का रियल हीरो था । खेरोदा गांव ही नहीं बल्कि पूरा बोहरा समाज को उनके बेटे पर गर्व था। आबिद अली ने बताया कि आम तौर पर उनके समाज के युवाओं के अंदर सेना में जाने की दिलचस्पी कम रहती है। समाज की पहचान भी व्यवसाय जगत से जुड़ी है। लेकिन मुस्तफा की मां फातिमा ने उसे आर्मी में जाने के लिए तैयार किया। परिवार में कई लोग उसकी आर्मी की जॉब से सहमत नहीं थे। इसके बावजूद मुस्तफा आर्मी में देश सेवा के लिए जाने को तत्पर रहे। परिजनों ने बताया कि उसकी पार्थिव देह को पहले दिल्ली लाया जाएगा। इसके बाद दिल्ली से उदयपुर भेजा जाएगा। उदयपुर में अंतिम संस्कार रविवार को खांजीपीर इलाके में स्थित कब्रिस्तान में किया जाएगा। मुस्तफा की मौत से पूरा शहर सदमे में हैं। लोग सोशल मीडिया पर उनसे जुड़ी यादों को साझा कर रहे हैं। उनके दोस्त और परिजनों ने बताया कि वह काफी जिंदादिल और खुशमिजाज था। अब उसकी यादें सबको रुलाती रहेंगी।

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