संप्रदाय की तृतीय पीठ है कांकरोली. यहाँ स्थित है प्रभु श्री द्वारिकाधीश. प्रभु श्री के मंदिर में 13 अगस्त को प्रभु श्री कृष्ण के जन्म का उत्सव नंद महोत्सव के रूप में बड़े परम्परागत तरीके से मनाया गया. नंद उत्सव में प्रभु श्री द्वारिकाधीश को सोने के पलना में विराजित किया गया. इस मौके पर तृतीय पीठ काकरोली युवराज डॉ. वागीश कुमार गोस्वामी ने यशोदा मैया के रूप में प्रभु को पलना झूला या प्रभु के समक्ष नाना प्रकार के चांदी और लकड़ी के खिलौने चलाए गए। वही द्वारकाधीश मंदिर के मुखिया प्रदीप सांचीहर नंद बाबा के भाव से प्रभु को लाड लड़ाते रहे. इस अवसर पर प्रभु के समक्ष गोपी ग्वाल बने सेवा कर्मियों ने जमकर नृत्य किया और दही दूध से होली खेली पूरा रतन चौक परिसर कुछ ही देर में दही और दूध की खुशबू से महक उठा. इस विशेष अवसर पर तृतीय पीठ राजकुमार वेदांत कुमार गोस्वामी व सिद्धांत कुमार गोस्वामी ने लड्डू मठरी बधाई स्वरूप लुटाए. जिसको परिसर में मौजूद मंदिर सेवाकर्मियों ने बड़े ही उत्साह के साथ ग्रहण किया.

फोटो : सुरेश भाट (कांकरोली)
नंद महोत्सव के उपलक्ष में प्रातः रतन चौक परिसर में दही दूध की पूजन परंपरा का निर्वहन सहायक अधिकारी गणेश लाल सांचीहर ने मंदिर के पुरोहित पंडित बिंदु लाल शर्मा के निर्देशन में संपन्न करवाया। नंद महोत्सव के दौरान वर्तमान कोरोना महामारी की परिस्थितियों के कारण राज्य व केंद्र सरकारों के से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार इस बार श्रद्धालुओं का प्रवेश मंदिर में पूर्णतया से प्रतिबंधित रहा। इससे श्रद्धालुओं की कमी मंदिर परिसर में साफ झलकी। जहां सेवाकर्मियों ने ही इस बार प्रभु की नंद महोत्सव में भागीदारी निभाई. ज्ञात रहे कि हर वर्ष नंद महोत्सव के मौके पर शहर गांव व देश के कई हिस्सों से श्रद्धालु श्री द्वारकाधीश मंदिर पहुंचते हैं किंतु इस बार कोरोना महामारी के चलते द्वारकाधीश मंदिर सेवाकर्मियों की उपस्थिति में ही सारी परंपराओं का निर्वहन किया गया।