राजसमंद। कृषि विज्ञान केन्द पर 27वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक प्रसार-प्रचार शिक्षा निदेशालय निदेशक प्रोफेसर एसएल मुंदड़ा की अध्यक्षता में शुक्रवार को सम्पन्न हुई। आरंभ में उदयपुर प्रसार शिक्षा निदेशालय प्रो. डॉ. लतीका व्यास ने सभी आगुंतुको का स्वागत किया। मुख्य अतिथि महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुलपति डॉ. एनएस राठौड़ ने सम्बोधित करते हुए कहा कि किसान तकनीकी ज्ञान को अपनाकर अधिकतम उपज प्राप्त करें एवं आत्म निर्भर बने। निदेशक अटारी जोधपुर अति. विशिष्ठ अतिथि डॉ. एसके सिंह ने कहा कि किसान समंवित कृषि प्रणाली को अपनाते हुए अपनी आय दुगुनी करे एवं अपनी आर्थिक स्थिति मजबुत करे। केन्द्र वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. पीसी ने बैठक में वर्ष 2019-20 का वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन तथा वर्ष 2020-21 की कार्य योजना प्रस्तुत की। डॉ. मुन्दडा ने समंवित कृषि प्रणालि को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शन ईकाईया केन्द्र पर स्थपित करने, केन्द्र पर आईएफएस मॉडल स्थापित करने और किसानों को ज्यादा से ज्यादा आय बढाने वाले कार्यक्रमों पर जोर दिया। सीटीएई उदयपुर प्रोफेसर डॉ. पीके सिंह ने जल संरक्षण एवं उसकी उपयोगिता के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। इस अवसर पर कृषि विभाग आत्मा परियोजना निदेशक डॉ जीके शर्मा, पशु पालन विभाग उप निदेशक डॉ. घनश्याम मुरडिय़ा, नाबार्ड मुख्य प्रबंधक विश्राम मीणा सहित कृषि अधिकारियों, गैर सरकारी संगठन के पदाधिकारियों एवं प्रगतिशील कृषक व कृषक महिलाओं ने भाग लिया। संचालन केन्द्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. मनी राम ने किया। अन्त में केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. पीसी रेगर ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।