बाघेरी नाका बांध के साथ छलकने लगी नन्दसमंद व राजसमंद झील भरने की उम्मीदें
(दरियाव सिंह की रिपोर्ट)
सोशल मीडिया पर चल रही सभी अफवाहों को विराम लगाते हुए आखिर कार बाघेरी बांध सोमवार सुबह करीब  10:30 बजे छलक गया। गत दो दिनों से लगातार वर्षा से पानी की आवक बढऩे के कारण इसमें से जलराशि छलक ही गई। गत वर्ष की तुलना में इस बार यह करीब  आठ दिन बाद छलका है। जानकारी के अनुसार  रविवार को पहाड़ी क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने के बाद बाघेरी नाका में करीब 10 फुट की आवक हुई। अच्छी आवक के बाद सोमवार सुबह करीबन 10.30 बजे चादर चलना शुरू हुई। इस के साथ ही नंदसमंद में पानी की आवक शुरू हो गई है। अब तक करीब पौन फीट की आवक हुई है। जिससे अब नाथद्वारा की लाइफ लाइन कहे जाने वाले नंदसमंद के छलकने की उम्मीद है। इधर, रामदरबार के छलक से गोमती नदी चल पड़ी है। राजसमन्द झील में पानी की आवक शुरू हो चुकी है। इसे ये कयास लगाए जा रहे है कि पानी की आवक इसी तरह बनी रही तो राजसमन्द झील भी छलक सकती है।
जानिए कब-कब छलका बाघेरी 
वर्ष        तारीख      समय
2010 : 26 जुलाई सुबह 9 बजे
2011 :  16 अगस्त सुबह 9.30 बजे
2012 :  28 अगस्त सुबह 10.30 बजे
2013  : 16 अगस्त सुबह 11.30 बजे
2014 :  27 अगस्त  सुबह 10.05 बजे
2015  : 27 जुलाई दोपहर 3.45  बजे
2016 :  18 जुलाई सुबह 9 बजे
2017  :  22 जुलाई रात 10.15 बजे
2018  :  29 जुलाई  को छलका
2019  : 16 अगस्त रात 9.50 बजे
2020 : 24 अगस्त सुबह 10.30 बजे