राजसमंद, चेतना भाट। राजनगर थाना क्षेत्र के पीपरड़ा बस स्टेण्ड पर शनिवार को सडक़ पार रहीं मोटर साईकिल को तेज गती से आ रहें टे्रक्टर ने चपेट में ले लिया। हादसे में मोटर साईकिल पर सवार विवाहिता की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई जबकि युवक को अनंता अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही राजनगर थाने के एएसआई भूरसिंह मय जाप्ते के मौके पर पहुंचे और मृतक महिला के शव को कब्जे में लेकर मार्चरी में रखवाया। एएसआई भूरसिंह ने बताया कि मृतक बसंतसिंह पुत्र रामसिंह (28), सुनितासिंह पत्नि बसंतसिंह (24) निवासी मडक़ा-खमनोर, मोटर साईकिल पर सवार होकर कांकरोली से अपने गांव जा रहें ते तभी पीपरड़ा बस स्टेण्ड पर तेज गती से आ रहें ट्रेक्टर ने चपेट में ले लिया। ट्रेक्टर चालक मोटर साईकिल दंपति को चपेट में लेकर घसीटते हुए सडक़ किनारे खड़े लॉडिंग टेम्पो से जा भीड़ा। घटना में युवती की मौके पर ही मौत हो गई जबकि गंभीर रूप से घायल हुए युवक को आरके जिला चिकित्सालय ले जाया गया जहां पर हालत गंभीर होने पर उसे रेफर कर दिया। उदयपुर के अनंता अस्पताल ले जाने के दौरान घायल युवक की मौत हो गई। पुलिस ने दंपत्ति के शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। इधर, मृक के पिता रामसिंह की रिपार्ट पर ट्रेक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किर दिया। हादसा दिल दहला देने वाला था, हादसे की विडियों रिकॉर्डिंग सामने लगी सीसीटीवी में कैद हो गई। जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

आरके अस्पताल के पालने में मिली दूध मूहीं बच्ची


राजसमंद, चेतना भाट। आरके जिला जिला चिकित्सालय के पालना घर में शुक्रवार को 1.4 किलो ग्राम की एक नवजात बच्ची मिली है। शिशु रोग विषेशज्ञ ने उसका उपचार किया, की सलाह पर बच्ची की हालत गंभीर होने पर उसके उदयुपर रेफर कर दिया गया। बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेश कृष्णकांत सांखला के निर्देश पर विभाग के प्रकाशचन्द्र सालवी एवं आया मीनाा बच्ची को लेकर उदयपुर एमबी अस्पताल पहुंचे। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते अस्पताल में वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं होने के मामले पर बाल कल्याण समिति अध्यक्षा भावना पालीवाल ने राज्य बाल आयोग के सदस्य शैलेन्द्र पण्डिया के संज्ञान में लाया गया। जिसके बाद चिकित्सालय प्रशासन हरकत में आया ओर नवजात को अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। जहां बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है। समिति सदस्य गजेन्द्रसिंह ने बताया कि फेंके नहीं हमे दे कैम्पेन सफल हो रही है, जिसके तहत अनचाहे नवजात शिशुओं को अब सुरक्षित पालने घर में परित्याग किया जा रहा है।