कोरोना गाइड लाइन के अनुरूप कार्यक्रम पूर्ण सादगी से सम्पन्न
-ढाई करोड़ रूपए लागत से बना है सर्व सुविधायुक्त भवन
राजसमंद, चेतना भाट। जिला मुख्यालय पर जिला परिषद के समीप करीब ढाई करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित राजसमन्द नगर परिषद कार्यालय भवन का वास्तु पूजन रविवार को हवन आदि धार्मिक रस्मों के साथ विधिपूर्वक सम्पन्न हुआ। वैश्विक कोरोना महामारी (कोविड-19) के चलते सरकारी दिशा-निर्देशों की पालना के मद्देनजर कार्यक्रम पूर्णतया सादगी से आयोजित किया गया। प्रारम्भ में गायत्री परिवार से आए गिरजाशंकर पालीवाल एवं मोहनलाल गुर्जर आदि सदस्यों ने विधि पूर्वक पूजन एवं हवन सहित वास्तू सम्बन्धी सभी धार्मिक रस्में सम्पादित कराई। नगर परिषद सभापति सुरेश पालीवाल एवं उप सभापति अर्जुन मेवाड़ा सहित पार्षदों ने हवन में भागीदारी कर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच आहुतियां दी। करीब दो घंटे हवन-पूजन इत्यादि का क्रम चला एवं इसके बाद सभापति व अन्य ने यज्ञ में पूर्णाहुति दी तथा शेष तमाम धार्मिक विधान सम्पादित कराए। इस अवसर पर पार्षद मोहन कुमावत, हिम्मत मेहता, दीपक शर्मा, राजकुमार पहाडिय़ा, कुशलेन्द्र दाधीच, खुशकमल कुमावत, उत्तम कावडिय़ा, जया माली, शारदा कुमावत, पूर्व पार्षद कैलाश निष्कलंक, जगदीश माली सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

इस भवन से स्टाफ के साथ ही आमजन को मिलेगी राहत

सभापति पालीवाल ने बताया कि विगत समय से नगर परिषद के लिए कामकाज सम्बन्धी मौजूदा जरूरतों के अनुरूप नए भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब तक उपयोग हो रहे कार्यालय भवन में पर्याप्त कक्ष एवं अन्य भवन तथा आवश्यकताओं के लिहाज से उपयुक्त परिसर उपलब्ध नहीं होने के कारण जहां स्टाफ को कार्य निष्पादन में दिक्कतें आ रही थी वहीं अपने कामकाज से यहां आने वाले आमजन को भी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। उक्त स्थितियों को देखते हुए वर्तमान परिषद बोर्ड ने परिषद कार्यालय के लिए नया भवन बनाने का निर्णय किया था जिसके फलस्वरूप सर्व सुविधा युक्त यह नवीन भवन तैयार हो गया है। करीब ढाई करोड रूपए लागत से निर्मित इस भवन से स्टाफ के साथ ही आमजन को राहत मिलेगी। उल्लेखनीय है कि नगर परिषद के अग्निशमन केन्द्र एवं जिला परिषद के मध्य खाली पड़ी परिषद की भूमि पर यह दो मंजिला भवन तैयार किया गया है। प्रथम तल पर सभापति एवं आयुक्त कक्ष के अलावा तकनीकी अधिकारियों आदि के लिए बैठक कक्ष है के अलावा कामकाज से आने वाले आमजन के बैठने के लिए व्यवस्था है जबकि उपरी मंजिल पर परिषद की विभिन्न शाखाओं के लिए अलग-अलग कक्ष बनाए है। यही नहीं भविष्य में तीसरी मंजिल भी प्रस्तावित है जहां सभा भवन आदि तैयार होंगे।