मेनार से सुरेश मेनारिया की रिपोर्ट

वल्लभनगर। मेवाड़-रियासत के 17वें उमराव मेहतागढ़ मेनार में भारतीय सेना (Indian Army Soldier) राजपूत रेजिमेंट फतेहगढ़ (यूपी) से 9 माह का सैनिक प्रशिक्षण पूरा कर शनिवार को गांव लौटे भरत पुत्र हुक्मीचंद हीरावत (मेनारिया) का मेनार डाक बंगले पर जोरदार स्वागत किया गया। यहां मेनार डाक बंगला पहुँचने पर सबसे पहले गांव की मिट्टी से तिलक लगाया और उसी समय युवाओं ने भरत को अपने कंधों पर भारतमाता के जयकारों के साथ उठा लिया। ग्रामीणों ने सम्मान समारोह आयोजित कर सेना के जवान का अभिनंदन किया। 9 माह का सैनिक प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद पहली बार गांव पहुंचे जवान का गाजे-बाजे के साथ डाक बंगला से पूरे गांव में बाइक से जुलूस निकाला गया। लोगों ने जवान के स्वागत में फूलों की वर्षा और पलख पाँवड़े बिछाते हुए जवान के प्रति आभार प्रकट किया। सोशल डिस्टेन्स के साथ निकाला गया बाइक जुलूस डाक बंगला से रवाना होकर बालिका स्कूल, नीम का चौरा से माँ अम्बे के दरबार में पहुँचा, जहाँ सेना के जवान ने माँ अम्बामाता के दर्शन किये। उसके पश्चात कालिका माता, चारभुजानाथ, खेड़ाखूंट बावजी एवं कांकेड़ा भेरूजी के दर्शन कर घर पहुँचा। इस बीच पूरा गांव भारत माता के जयकारे से गूंजता रहा और युवा, युवतियां एवं महिलाएं जवान के सम्मान में अपने आप को नाचने से रोक नहीं पाये और खूब थिरके। बाइक जुलूस में जनसैलाब उमड़ पड़ा।

पूरा गांव उमड़ा स्वागत करने

जवान भरत हीरावत मेनारिया से मिलने व देखने के लिए जगह जगह गाँव में लोग घरो से बाहर निकल फूल माला से एवं श्रीफल भेँट कर स्वागत किया। जवान ने भी अपने गृह ग्राम मेें मिले प्रेम व आदर को हाथ जोड़कर स्वीकार किया। भ्रमण के दैारान ग्रामीणों ने देश भक्ति के नारे भी लगाए। मिलनसार एवं मेहनत कश भरत 9 माह तक भारतीय सेना फतेहगढ़ (यूपी) में सैनिक प्रशिक्षण में रहे। वे समस्त ग्रामवासियों से मिलकर खुश व भावुक नजर आए। मेनार में यह पहला मौका है जब सैनिक प्रशिक्षण करने के बाद किसी जवान का इस अंदाज में स्वागत किया गया है।

बचपन से ही सेना में जाने का ठान लिया भरत ने

भरत ने बताया कि जब वह बचपन में टीवी, न्यूजपेपर पर सेना के बारे में देखता, सुनता था तब से ही सेना में जाने का उसमें जोश व जुनून था उसने ठान लिया कि वह देश की सेवा करने के लिए जाएगा। बीए उतीर्ण कर 2 जुलाई 2019 को सीधी भर्ती जोधपुर से भरत का सलेक्शन हो गया। जहाँ से भरत 9 माह की सैनिक ट्रेनिंग के लिए भारतीय सेना राजपूत रेजिमेंट फतेहगढ़ (यूपी) गए और अपना मुकाम हासिल किया। भरत ने बताया कि इसम सफलता में उसके पिता जो शारिरिक शिक्षक है उन्होंने हर समय उसकी मदद करते हुए उसका मनोबल बढ़ाया जिससे आज मेरा सेना में जाने का सपना एवं मार्ग प्रशस्त हुआ। भरत ने बताया कि उसे 20 दिन की छुटियाँ मिली है। 20 दिन बाद देश की सेवा के लिए फतेहगढ़ (यूपी) जाएगा औऱ देश की सेवा करने के लिए हर मुश्किलों का सामना करने को तैयार रहेगा। स्वागत करने के दौरान गाँव के युवा, वरिष्ठ नागरिकगण सहित युवतियां, महिलाएं मौजूद थी।