राजसमंद, चेतना भाट। वरिष्ठ उप प्रवर्तीनी साध्वी डॉ. रश्मि, राकेश रश्मि, निधी रश्मि, मृगांक रश्मि आदि ठाणा ने गुरुवार प्रात: गुरु सेवा संस्थान नाथद्वारा में बिराजित मेवाड़ प्रवर्तक मदन मुनि महाराज के दर्शन कर मंगल भावना प्रकट की। वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ कांकरोली अध्यक्ष देवीलाल हिंगड़ ने बताया कि साध्वी मंडल महावीर भवन कांकरोली से चातुर्मास सम्पन्न कर पद विहार करते हुए गुरुवार को मेवाड़ प्रवर्तक मदन मुनि, कोमल मुनि, रमेश मुनि के साथ ही साध्वी राजमती, विजयप्रभा, विद्याश्री से मंगल मिलन हुआ। उल्लेखनीय है कि श्रमण संघीय महामंत्री सौभाग्य मुनि के देवलोक गमन के बाद सभी साधु साध्वियों का यह पहला मिलन हुआ है। इस अवसर पर कांकरोली संघ अध्यक्ष देवीलाल हिंगड़, मंत्री रोशन डांगी, राजेंद्र सुराणा, राकेश पगारिया, प्रवीण बोल्या, संजय बोल्या, अशोक पामेचा, नन्दलाल रायसोनी, सहित श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित थे।

मुनि संजय का प्रथम प्रवास धोइंदा में

संत का आगमन मंगलकारी होता है। समाज ग्रहोचित कार्यों में रहने वाला होने से मोह माया में राचापचा रहता है उसे आत्मा परमात्मा आध्यामिक से अनाशक्ति की ओर थोड़ा जीवन मोडऩे का मार्ग दिखाते है। मूढ़ता ओर अज्ञान से दु:खी व्यक्ति को उपाय बताते है। यह उद्बोधन शतावधारी मुनि संजय कुमार ने कांकरोली से धोईन्दा के प्रथम प्रवास के दौरान दिए। मुनि प्रसन्न कुमार ने गोस्वामी तुलसीदास के विचारों को व्यक्त करते हुए कहा कि संत समागम हरिकथा का योग भाग्यशाली को ही मिलता है। धन, दौलत, सुविधाएं तो पापी व्यक्ति के पास भी मिल जाती है। इस मौके पर मुनि प्रकाश कुमार एवं मुनि धैर्य कुमार भी उपस्थित थे।