राजसमंद, चेतना भाट। राजस्थान सरपंच संघ के आव्हान पर ग्राम पंचायतों के पीडी खाता खोलने के विरोध में संघ मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। सरपंच संघ जिला अध्यक्ष संदीप श्रीमाली ने बताया कि वित्त विभाग और सरकार के इस निर्णय से सरपंचों में भारी आक्रोश है तथा बुधवार को जिलेभर के 100 से अधिक सरपंच जिला मुख्यालय पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की तथा मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर कुशल कोठारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी निमिषा गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। श्रीमाली ने बताया कि वित्त विभाग तथा ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों द्वारा विगत 1 साल से नित नए प्रयोग इस पंचायत राज में किए जा रहे हैं तथा सारी व्यवस्थाएं ठप्प करने का प्रयास हो रहा है। हालात यह है कि अक्टूबर माह में स्वीकृत सीकर राज्य वित्त आयोग की 1086 करोड़ की राशि का भुगतान राजस्थान की पंचायतों को अभी तक नहीं हुआ है वहीं 15 वें वित्त आयोग की द्वितीय एवं तृतीय किस्त कब मिलेगी कोई संकेत नहीं है। अधिकारियों द्वारा सिर्फ और सिर्फ ग्राम पंचायतों के सुव्यवस्थित संचालन के निर्देश दिए जाते हैं। व्यवस्थाएं कैसे होगी, सफाई, पेयजल, रोड़ लाइट इसका प्रबंधन करने के लिए पन्द्रहवें वित्त आयोग की प्रथम किस्त का बार-बार हवाला दिया जाता है लेकिन सिर्फ एक किश्त से पूरे साल ग्राम पंचायत का प्रबंधन असंभव है। इस कारण पंचायतों की व्यवस्थाएं संभालना बहुत मुश्किल हो रहा है। प्रदेश प्रतिनिधि चंद्रभानसिंह ने बताया कि इस अवसर पर सरपंच मांगीलाल कटारिया, किशनलाल गायरी, ममता वीरवाल, योगेंद्रसिंह चौहान अभिषेक चौधरी, अनिल चौधरी, नोकलाल कुमावत, किशनसिंह राणावत, गोमीदेवी गुर्जर, डॉ सुरेश भाट, दीक्षा चौहान, यशोदा कंवर, भीम धरमचंद, सोहनलाल जैन, सुंदरदेवी कीर, कंकू गुर्जर, नारायणसिंह, जयंत जोशी, यशवंत श्रीमाली, सुधीर जैन, जगन्नाथ डागलिया, सुरेश जलानिया, अजयसिंह चौहान, लेहरूलाल अहिर सहित जिलेभर के सरपंचगण मौजूद थे।

21 जनवरी से पंचायतों पर तालाबन्दी की चेतावनी

सरपंच संघ ने पकड़ी आंदोलन की राह, जिलेभर से आए सरपंचों ने सौंपा ज्ञापन

जिला महामंत्री योगेंद्र सिंह चौहान बनेडिय़ा ने बताया कि आज हालात यह है कि सरपंच बनते ही विश्वव्यापी महामारी कोरोना वायरस के संकट का सामना करने में ग्रामीण क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका पंचायत राज ने निभाई लेकिन हमें कोई प्रोत्साहन देने की वजह लगातार हमारे अधिकारों में कटौती करने की प्रयास किए जा रहे हैं जिसकी जिले का प्रत्येक सरपंच निंदा करता है। जिला उपाध्यक्ष रामलाल गुर्जर ने बताया कि यदि आगामी 8 दिनों में हमारे ज्ञापन पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 21 जनवरी से संपूर्ण जिले की पंचायतों पर सरपंचों द्वारा तालाबंदी की जाएगी जिससे कोई प्रशासनिक व्यवस्था है प्रभावित होती है तो संपूर्ण जिम्मेदारी वित्त विभाग और पंचायत राज विभाग की होगी।
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राजसमंद। ग्राम पंचायतों के पीडी खाता खोलने के विरोध में सीईओ व एडीएम को ज्ञापन सौंपते सरपंच संघ के पदाधीकारी।