राजसमंद, चेतना भाट। तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम द्वारा मेधावी छात्र सम्मान समारोह का आयोजन तुलसी साधना शिखर पर किया गया। कार्यक्रम का आगाज मुनि के नमस्कार महामंत्र के साथ हुआ। टीपीएफ गीत विकास पितलिया द्वारा प्रस्तुत किया गया। टीपीएफ अध्यक्ष विनोद बोहरा द्वारा सभी का स्वागत किया गया। मुनि रतन कुमार ने कहा की किताबी ज्ञान के साथ साथ आध्यात्मिक ज्ञान का अर्जन करना भी जरूरी है तभी शिक्षा पूर्ण शिक्षा के रूप में उज्ज्वल होगी। धैर्य मुनि ने गीतिका के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत किए। मुनि प्रकाश कुमार ने बुद्धि के कुशल व एकाग्र चित के विकास के लिए ध्यान का प्रयोग करवाया। सुमन बड़ोला ने टीपीएफ की विस्तृत जानकारी दी। संचालन डॉ. नीना कावडिय़ा किया। मुनि प्रसन्न कुमार, मुनि संजय कुमार ने मेधावी छात्रों को संबोधन देते हुए कहा कि बच्चे शिक्षा में बहुत अच्छा कर रहे है। लेकिन संस्कार उनसे दूर होते जा रहे है जो विध्वंसकारी है। इसलिए शिक्षा के साथ आध्यात्मिक शिक्षा व संस्कार का विकास भी बच्चो में होना चाहिए। कार्यक्रम में 10वीं एवं 12वीं में 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले मेधावी बच्चों व 7 प्रोफेशनल डिग्री होल्डर का कांस्य, रजत एवं गोल्ड मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा सहयोग योजना के राष्ट्रीय संयोजक नवीन चोरडिय़ा, फेमिना विंग राष्ट्रीय सह संयोजिका सुमन बड़ोला, सुनील कोठारी, राजकुमार जैन, डॉ. सूखलाल जैन, ख्यालीलाल चपलोत, जगजीवन चोरडिय़ा, डॉ. विमल कावडिय़ा, गजेंद्र चोरडिय़ा, गणेशलाल कच्छारा, सुमित तलेसरा उपस्थित थे।