देसूरी की नाल में फिर से हादसा, चालक की सूझबूझ से टला हादसा
राजसमंद, चेतना भाट। मौत एवं हादसों का प्रयाय बच चुकी देसूरी नाल की घाटी एवं पंजाब मोड़ पर आए दिन हो रहे हादसे रूकने का नाम ही नहीं ले रहे। अब इसे या तो प्रशासन की लापरवाही कहे या किस्मत लेकिन यह मोड़ कई लोगों की जिंदगियां लील चुका है। यहां पर हर साल कई हादसों व दुर्घटनाओं में कई लोग अपनी जांच गवां चुके है और गंवाते आ रहे है। ऐसा ही एक हादसा रविवार को भी घटित हुआ। जिसमें भीलवाड़ा से भीनमाल की ओर जा रही रोडवेज बस रविवार दोपहर करीब एक बजे देसूरी की नाल पंजाब मोड़ से कुछ ही दूरी पर बे्रक फेल होने अनियंत्रित होकर पलट गई। बस में करीब 70 सवारियां सवार थी जो भीलवाड़ा, आमेट से देसूरी, फालना की ओर यात्रा कर रही थी। हादसा दिल दहला देने वाला था। हालांकि चालक की सूझबुझ से सभी सवारियों को एक बारगी को जीवनदान मिल गया।

हादसे के दौरान बस सडक़ पर ही पलट गई। यदि वह दूसरी और पलट जाती को सवारियों का बचना मुश्किल था। बस चालक शंभूलाल आचार्य व परिचालक भंवरसिंह चुण्डावत ने बताया कि देसूरी घाटा उतरते समय ओवरटेक के दौरान अचानक बस का ब्रेक फैल हो गए। बस को रोकने का प्रयास किया लेकिन वह अनियंत्रित हो गई। ऐसे में उसे सडक़ की दूसरी ओर मोड़ दिया। जिससे अनियंत्रित बस सडक़ पर ही पलट गई। यदि जरा सी चुक होती तो बस सडक़ी की दूसरी और पलट जाती तो खड्डे में जा गिरती जिससे एक भी सवारी नहीं बच पाती और साथ में हम लोग भी मारे जाते। घटना में कुछ यात्रियों को चोंटे आई वहीं एक महिला का हाथ बुरी तरह फ्रैक्चर हो गया। घटना के के बाद कुछ लोगों ने बस में सवार यात्रियों को बस के पिछले हिस्से के शीशों को फोडक़र बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलने पर चारभुजा से पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा तथा यात्रियों को बस से बाहर निकालकर तीन एम्बुलेंस के माध्यम से घायलों को चारभुजा सीएचसी पहुंचाया जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद यात्रियों को गंतव्य स्थान पर पहुंचाया। जबकि गंभीर रूप से घायल महिला को आरके जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया।