देलवाड़ा। कस्बे के बस स्टैंड पर रोडवेज बसों के ठहराव को लेकर शनिवार को कस्बे के बाजार बंद कर बरवा चौराहे पर ग्रामीणों ने बसों को कस्बे के बस स्टैंड पर लाने के लिए आंदोलन किया था। उसी संदर्भ में भीलवाड़ा डिपो मैनेजर अनिल पारीक सोमवार को देलवाड़ा पहुंचे। यहां भीलवाड़ा डिपो मैनेजर अनिल पारीक, तहसीलदार हुकुम कुंवर की मौजूदगी में आयोजित बैठक में कस्बे के युवा भी पहुंचे। युवाओं ने भीलवाड़ा डिपो मैनेजर के सामने आक्रोश व्यक्त किया। मैनेजर ने कहा रेवेन्यू नहीं मिलता है इसलिए बसें इधर नहीं आती है और बाईपास से निकलती है। इस पर युवाओं ने कहा बस आएगी और रुकेगी वह नियमित आएगी तभी लोग जा पाएंगे और रेवेन्यू भी मिलेगा। मैनेजर का युवाओं के प्रतिरूख सही नहीं होने के कारण युवा आक्रोशित हो गए। तहसीलदार ने युवाओं के आक्रोश को सही बताया और कहा कि 5 साल से आम आदमी बसों को लेकर परेशान है। बैठक में उपसरपंच प्रदीप पालीवाल, नगर अध्यक्ष संपतलाल पालीवाल, प्रभुदास वैष्णव, एडवोकेट भूपेंद्र यादव, प्रहलाद सिंह कुंभावत, सौरव यादव, राजेश औदिच्य, भीलवाड़ा के निरीक्षक बालूसिंह चुंडावत, भरत सिंह मौजूद थे। भीलवाड़ा डिपो की सबसे ज्यादा बसें इस रूट से गुजरती है, जो उदयपुर जा कर वापस भीलवाड़ा जाती है।

तहसीलदार ने कहां बसों का ठहराव बस स्टैंड पर जरूरी है

काफी आक्रोश झेलने के बाद डिपो मैनेजर ने भीलवाड़ा डिपो की सुपरफास्ट बसों को छोडक़र सभी बसों के लिए देलवाड़ा होकर निकलने का आश्वासन दिया। कस्बे के युवाओं ने डिपो मैनेजर से कहा चालक परिचालक अपना स्वभाव बदले और बस स्टैंड पर गाड़ी को रोककर यात्रियों को लेकर जावे। डिपो मैनेजर ने सभी बातों को मानकर व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया।