राजसमंद, चेतना भाट। आगामी 12 दिसम्बर को आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव नरेन्द्र कुमार एवं तालुका विधिक सेवा समिति आमेट अध्यक्ष प्रतापसिंह की अध्यक्षता में अधिवक्तागण के साथ बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित अधिवक्तागण को राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक प्रकरणों के निस्तारण के लिए निर्देश दिए गए। बैठक में सचिव नरेन्द्र कुमार ने पारिवारिक प्रकरण, आपराधिक प्रकरण, दीवानी प्रकरण, राजीनामा योग्य फौजदारी प्रकरण, चैक अनादरण (एनआई एक्ट) के प्रकरण, बैंक से संबंधित प्रकरण एवं दावे, एमवी एक्ट, एमएसीटी क्लेम, समस्त उपभोक्ता प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, प्रि-लिटिगेशन आदि प्रकार के मामलों का लोक अदालत की भावना से दोनों पक्षों की आपसी सहमति व राजीनामे से सौहार्दपूर्ण वातावरण में विवाद का निस्तारण करने हेतु अधिवक्तागण को प्रेरित किया। तालुका समिति अध्यक्ष राठौड़ ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में जो पक्षकार या आहत व्यक्ति अपने मामले को निपटाना चाहते है वे राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन में सम्बन्धित दस्तावेज सहित उपस्थित हो सकते है। इस अवसर पर अधिवक्ता गिरीश पुरोहित, किशनलाल शर्मा, प्रमोद लक्षकार, रतनलाल रावत, मनोहरलाल खटीक आदि उपस्थित थे।


रैन बसेरे का निरीक्षण कर देखी व्यवस्थाएं


जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव नरेन्द्र कुमार एवं तालुका विधिक सेवा समिति आमेट अध्यक्ष प्रतापसिंह ने आमेट रैन बसेरा का औचक निरीक्षण कर आश्रय लेने वालों को वहां दी जाने वाली व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान संधारित रजिस्टरों का अवलोकन किया गया आश्रयरत लोगों की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान आश्रय स्थल में सफाई व्यवस्था असंतोषजनक पाई जाने पर उचित सफाई व्यवस्था के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कोविड-19 के लक्षण वाले आश्रितों को अलग कमरे में रखे जाने, मेडिकल जांच करवाए जाने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने रसोईघर व भोजन व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर निर्देश दिए। इस अवसर पर केयर टेकर मोनिका, रसोई प्रभारी हिम्मतसिंह सोलंकी, प्रधिकरण कार्मिक यशोदानंदन गौतम, प्रमोद कुमार आदि उपस्थित थे।