राजसमंद, चेतना भाट। इस बार की ठंड ने शुरु होने के साथ ही अपना असर दिखाना प्रारंभ कर दिया है। दिन ढलने के साथ ही सर्दी अपना कहर ढाने लग जाती है। सुबह व शाम को कड़ाके की ठंड ने हाथों की अंगूलियों को जमा दिया है। वहीं अधिकतम तापमान में गिरावट होने से दिन में भी सर्दी से कंपकपी होने लगी है। सर्द ने इस बार नवम्बर माह में ही अपन तेवर दिखाने प्रारंभ कर दिए है। पिछले दिनों की दिनों के तापमान के उतार-चढ़ाव को देखा जाए तो मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 29 डिग्री व न्यूनतम तापमान 6 डिग्री दर्ज किया गया था। बुधवार को अधिकतम तापमान तीन डिग्री की बढ़ोत्तरी के साथ 32 डिग्री व न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री की बढ़ोत्तरी के साथ 7.6 डिग्री दर्ज किया गया। इस गलाने वाली ठंड के बीच हल्की सर्द हवाओं ने लोगों की दिनचार्या को भी बदल दिया है।

शीत लहर ने लोगों के दांत कटकटा दिए। लोग घरों के अलावा गली मोहल्लो में भी अलाव लगाकर ठंड ने निजात पाने का जतन करते दिखाई दिए। गुरुवार को सुबह कोहरे के कारण 12 बजे तक भी धुप का असर नहीं दिखा। करीब दो बजे बाद कोहरा छंटने के साथ ही हल्की सुहानी धुप निकलने से लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली। गुरुवार को अधिकतम तापमान दो डिग्री की गिरावट के साथ 27 डिग्री दर्ज किया गया वहीं न्यूनतम तापमान डेढ़ डिग्री बढ़त के साथ 9 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार देर रात को करीब 5 मीमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद चलती सर्द हवाओं से जिला मुख्यालय सहित जिलेभर में सर्दी के सीतम बए़ गए है।

पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के जैसलमेर सहित कई ईलाको में मावठ से बारिश हुई। जिससे मौसम में अचानक ठंड बढ़ गई और तापमान में बढ़ोत्तरी के बावजूद भी दिन में भी सर्दी का ऐहसास बना रहा। लगातार बढ़ती ठंड और पश्चिमी विक्षोभ के साथ ही बुधवार देर रात को आसमां में गडग़ड़ाहट के साथ काले घने बादल छा गए और बारिश हुई। वहीं कुछ ईलाकों में ओले गिरने के साथ ही करीब 5 मिमी बारिश होने भी सूचना मिली। जिले में अचानाक हुए मौसम के बदलाव के बाद आसमां में बादल छाए रहे। हालांकि बादलों के कारण ठंड का असर कम रहा। गुरुवार अल सुबह से ही कोहरे के कारण अंधेरा छाया रहा। दोपहर 12 बजे तक भी कोहरा छाए रहने से समय का अंदाजा लगाना मुश्किल रहा तथा धुप भी बेअसर रही। हालांकि मौसम विभाग ने एक दो दिनो में विक्षोभ का असर खत्म होने और मौसम साफ होने की उम्मीद भी जताई है।


जिला मुख्यालय के समीपवर्ती मोही कस्बे मे ंबुधवार को देर रात्रि करीब सवा तीन बजे तेज बारीश के साथ ओले गिरे। बारीश की तीव्रता को देख ग्रामीणों को चिता हो रही थी। लेकीन करीब पन्द्रह मिनिट के बाद रूक गई। क्षेत्र में बैर की साईज के बड़े-बड़े ओले गिरने से ग्रामीणों को चिंता होने लग गई थी। देर रात्रि को तेज बारीश होने के कारण किसानों ने मवेशियों को बचाने के प्रयास किए। वही फसलों में खराबा होने की संभावना हुई।