राजसमंद, चेतना भाट। कहानीकार माधव नागदा की ताजा प्रकाशित कृति रूपसिंह चंदेल व्यक्तित्व, विचार और कृतित्व का लोकार्पण कोरोना नियमों का पालन करते हुए सादगी के साथ सम्पन्न हुआ। निजी होटल के सभागार में पुस्तक का लोकार्पण करते हुए सम्बोधन त्रैमासिक के संपादक एवं वरिष्ठ साहित्यकार कमर मेवाड़ी ने कहा कि यह ग्रंथ रूपसिंह चंदेल जैसे बड़े साहित्यकार के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के साथ पूर्ण न्याय करता है। समारोह अध्यक्ष नगेन्द्र कुमार मेहता ने कहा कि एक समकालीन रचनाकार पर इस प्रकार की पुस्तक का आना स्वागत योग्य है। माधव नागदा ने बताया कि रूपसिंह चंदेल की 50 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है और इस पुस्तक की तैयारी में उन्हें लगभग एक वर्ष का समय लगा। उन्होंने कहा कि कई बार महत्वपूर्ण साहित्यकार भी समालोचकों की उपेक्षा के शिकार हो जाते हैं। मेरा प्रयास इस उपेक्षा का छोटा सा प्रतिकार है। कार्यक्रम में मुरलीधर कनेरिया, अफजल खां अफजल, त्रिलोकीमोहन पुरोहित, राधेश्याम सरावगी, भंवर बोस ने भी अपने विचार प्रकट किए। संचालन शायर शेख अब्दुल हमीद ने किया।