उदयपुर से योगेश और राजसमन्द से दरियाव सिंह की रिपोर्ट

एकलिंग नाथ जी और श्रीजी मंदिर का वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कीजिए

https://youtu.be/s6mFHC2wG3U

उदयपुर/राजसमन्द। कोरोना के बाद पहली बार मंदिरों के पट खुले और भक्त से भगवान का अद्भूतपूर्व मिलन हुआ। ये इतिहास में पहली बार था जब भक्त भगवान की चौखट से इतने दिनों के लिए दूर रहा। सरकार की गाइड लाइन के चलते सोमवार को मंदिर पट सार्वजनिक रूप से खोले गए। हालांकि कुछ मंदिर जैसे श्रीनाथजी, द्वारिकाधीश और गढ़बोर चारभुजा मंदिर के पट बन्द रहे लेकिन अमूमन छोटे बड़े मंदिर, देवालय, देवरे और धार्मिक स्थल पर फिर रौनक लौटी। मेवाड़ के प्रसिद्ध एकलिंगनाथ मंदिर में दर्शन को भक्त आतुर दिखे। यहां पर एतिहायत के तौर पर हमारी टीम को गजब की व्यवस्था देखने को मिली।

नाथद्वारा । मंदिर मार्ग में चल रहा कार्य

एकलिंग जी से आंखों देखी

The Udaipur Updates टीम से जुड़े हर्ष मेनारिया ने बताया कि मैं सालों से एकलिंगजी दर्शन करने जा रहा हूं। इससे पूर्व मंदिर की व्यवस्था ही अलग थी। कोरोना के बाद तिनके जितनी कोताही भी नहीं बरती जा रही है। मंदिर दर्शन के समय गेट पर थर्मल स्क्रेनिंग की जा रही है। इसके बाद यहां जूते वगेरा रखते थे वहां पर अब हाथ धोने की व्यवस्था की गई है। यहाँ साबुन से हाथ अच्छी तरह धोकर हम आगे बढ़ते है। दर्शन मार्ग में निश्चित दूरी पर गोले बने है, जहाँ खड़े रहकर श्रद्धालु की कतार आगे बढ़ती है। एकलिंग नाथ के सम्मुख भी हर व्यक्ति को कम समय में आगे बढ़ने का इशारा किया जाता है ताकि भीड़ एक जगह एकत्रित नहीं हो। बाहर निकलने पर कैलाशपुरी में माहौल और फिजां बदली बदली सी मगर एक अजीब ही उत्साह नजर आता है। यहां लोग मिर्ची बड़े के चटकारे उठाते हुए नजर आए। दुकान में बैठकर खाने की सुविधा भी कम जगह ही दिखी। कुछ दुकानों पर सोश्यल डिस्टेंस मेनटेन हो उसके लिए रस्सी बंधी हुई मिली।

नाथद्वारा । मंदिर मार्ग में चल रहा निर्माण।

नाथद्वारा में इसलिए बन्द रहे पट

कोरोना संक्रमण के चलते पुष्टिमार्गीय सम्प्रदाय की प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर के गेट अब 30 सितंबर तक बन्द रहेंगे। यहां पर सोमवार को भी सन्नाटा पसरा रहा। इससे पूर्व शनिवार को कलेक्टर अरविंद कुमार पोसवाल और सीओ जितेंद्र ओझा ने मंदिर परिसर का जायजा लिया था। इस दोहरान उन्होंने शहर में चल रहे अंडरग्राउंड केबल के कार्य, अनार चौक निर्माण कार्य और रेलिंग के कार्य, मंदिर में प्रवेश और निकासी के अलावा अन्य कार्यों का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण से निकले निष्कर्ष के चलते 30 सितंबर को श्रीनाथजी के पट बन्द करने का निर्णय लिया गया। इधर इस निर्णय को लेकर व्यापारी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के निर्णय लिया।

चारभुजा और द्वारिकाधीश में इसलिए पट बन्द

वहां के लोगों ने बताया कि प्रशासन के साथ मीटिंग होने पर यहां भी 30 सितंबर को पट बन्द रखने के निर्णय लिए गए। इसलिए कि कोरोना जिले में रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए दोनों मंदिरों को बंद रखने का निर्णय लिया गया। अब राजसमन्द जिले के तीनों की मुख्य मंदिर चारभुजा, द्वारकाधीश और श्रीनाथ जी एक साथ ही खुलेंगे।