राजसमंद, चेतना भाट। महिलाओं पर हो रहे अत्याचार एवं हिंसा के विरूद्ध राज्य स्तर पर चलाए जा रहे आवाज अभियान के तहत जतन संस्थान द्वारा संचालित चाइल्ड लाईन परियोजना की ओर से मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राधिकरण पूर्व कालिक सचिव नरेन्द्र कुमार ने की। मुख्य अतिथि के रूप में जिला पुलिस अधीक्षक भुवन भूषण यादव थे। यादव ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के साथ हो रहे अत्याचार, हिंसा एवं शोषण के खिलाफ आवाज उठाना है। भारत में महिलाओं के साथ होने वाली बलात्कार, घरेलू हिंसा, मारपीट सहित कई प्रकार की हिंसा को रोकने लिए विशेष कानून बने हुए है। लेकिन महिलाएं अपनी हिंसा के खिलाफ कोई आवाज नहीं उठती है। सामाजिक रूप से महिलाओं एवं बालिकाओं को शुरू से घर मे ही भेदभाव का सामना करना पड़ता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राधिकरण पूर्वकालिक सचिव नरेन्द्र कुमार ने ने महिला कानून पर चर्चा करते हुए बताया कि न्याय एवं सामाजिकता आर्थिक अधिकार तो कानून दिला देगा लेकिन महिलाओं के साथ परिवार में न्याय नहीं मिल पाता है। जिसके कारण महिलाएं हमेशा अपने आप असुरक्षित माहौल में महसूस करती है। इस दौरान उन्होंंनें राजस्थान पीडि़त प्रतिकर योजना 2011 के तहत दी जाने वाली सहायता की जानकारी प्रदान की। जतन संस्थान प्रभारी अधिकारी संजय राव ने बताया कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने, अधिकारों एवं कानूनों के प्रति सजग करने, लैंगिक समानता उत्पन्न करने, महिलाओं अपराधों में कमी लाने एवं युवाओं में महिला सुरक्षा एवं सम्मान का भाव जागृत करने के लिए उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। चाइल्ड लाइन टीम से रेशमा प्रवीन ने लघु फिल्म के माध्यम से संदेश देते हुए बताया कि महिला अपनी आवाज को नहीं उठा पाती है इस कारण आए दिन उत्पीडऩ के मामले अधिक आते है। इसके बाद कोमल एनिमेट मूवी के माध्यम से बाल यौन शोषण के प्रति जागरूक किया गया। संचालन संजय राव द्वारा किया गया। इस अवसर पर चाइल्ड लाइन टीम से जीएल गुर्जर, गोर्वधनलाल, अनीता वैरागी, रेशमा परवीन, संतोष लौहार सहित सरपंच प्रतिनिधि बंशी चौपड़ा, भंवरलाल सरगरा, एनएनएम कार्यकर्ता, वन स्टॉप सखी सेंटर स्टाफ सहित महिलाएं उपस्थित थी।

राजसमंद। आवाज अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में महिला कानून एवं अधिकारों की जानकारी देते एसपी एवं उपस्थित स्टाफ तथा महिलाएं।