राजसमंद, चेतना भाट। राजस्थान में भ्रष्टाचार, अत्याचार, कुशासन एवं वादा खिलाफी वाली कांग्रेस की सरकार के के 2 वर्ष पूर्ण होने पर भाजयूमों कार्यकर्ताओ ने जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल के नेतृत्व में कांकरोली बस स्टेण्ड पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का पुतला फूंक काला दिवस मनाया। महामंत्री मुरारी आशिया ने बताया कि कार्यकर्ताओ ने काले मास्क तथा काली पट्टी लगाकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल ने कांग्रेस पार्टी की गहलोत सरकार के दो साल के कार्यकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान की सरकार मन से भले ही दो साल पूरा करने का जश्न मना रही हो, लेकिन इस विफल सरकार को कोई हक नहीं है कि मन से उत्सव मनाए। पालीवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के ये दो साल राजथान के राजनैतिक इतिहास के कालखण्ड के काले साल होंगे। जिसमें बेशक जनघोषणा-पत्र में अपने आपकी पीठ थप थपाते होंगे। लेकिन किसानों से वादा खिलाफी, बेरोजगारों से झूठ और कानून व्यवस्था की धज्जियाँ उडऩे जैसे काम दो साल के कालखण्ड में हुए। उन्होंने कहा कि अन्तर्विरोध, अन्तर्कलह की ये कांग्रेस पार्टी की सरकार ना पार्टी चला पा रहीं, ना सरकार चला पा रही। इसलिए इस सरकार की झोली में इन दो सालों में एक लम्बी फेहरिस्त है विफलताओं एवं वादा खिलाफी की। पालीवाल ने कहा कि गुटों में बँटी हुई कांग्रेस सरकार जनता का भला नहीं कर सकती। सरकार के दो साल पूरे होने पर सरकार के इम्तिहान की कॉपी खाली बताई है। प्रदेश की जनता साल 2023 के चुनाव में कांग्रेस का रिपोर्ट कार्ड बता देगी। आमतौर पर किसी भी सरकार के खिलाफ जनता की नाराजगी 3 या 4 साल में बनती है, लेकिन इस सरकार के खिलाफ तो दो साल में ही एन्टी-इनकम्बेन्सी का माहौल बन गया है। इस अवसर पर भाजपा नगर अध्यक्ष सुभाष पालीवाल, पंचायत समिति उप प्रधान सुरेश कुमावत, भाजयूमो नगर अध्यक्ष दिनेश कुमावत, भाजपा पूर्व उपाध्यक्ष राजेन्द्र अग्रवाल, पूर्व महामंत्री खुशकमल कुमावत, प्रवक्ता जगदीश वैष्णव, लक्ष्मण रेगर, भंवर कुमावत, महेंद्र पालीवाल, कमलेश जोशी, विवेक पालीवाल, ईश्वर माली, सुनील माली,जगदीश माली, हेमंत सनाढ्य, सुरेश कुमावत, राजू देराश्री, मुकेश शर्मा, हेमंत विश्वकर्मा, रवि शर्मा, निक्की शर्मा, प्रदीप कुमावत, ललित कुमावत, देवेंद्र सिंह, राघवेन्द्र सिंह सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।

विग्रह एवं विद्रोह कांग्रेस के अन्दर है

पालीवाल ने कहा कि पंचायतीराज चुनाव में लगभग ढाई करोड़ मतदाताओं ने भाजपा को जिताया और ग्यारह लाख लोगों के निकाय चुनाव में भाजपा से कुछ ज्यादा वोट लाकर सरकार चुनावों में अपनी जीत का थोथा डंका पीट रही है, लेकिन हकीकत जनता जानती है। सरकार की तरफ से सिर्फ वायदे और नारे थे, जो पूरे नहीं हुए, इसलिए जनता ने सरकार को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि विग्रह एवं विद्रोह कांग्रेस के अन्दर है, ये अपने प्रदेशाध्यक्ष को बर्खास्त करे या सरकार अपने उपमुख्यमंत्री को बर्खास्त करे तो यह उसका खुद का काम है और फिर झूठे आरोप भाजपा पर लगाए जाते हैं। कांग्रेस की अन्तर्कलह का खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड रहा है। गहलोत सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आने वाले दिनों में भाजपा प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन करेगी।

बीएन गल्र्स कॉलेज में रोजगार के अवसर एवं संभावनाएं विषय पर वेबिनार


राजसमंद। जिला मुख्यालय स्थित बीएन पीजी गल्र्स कॉलेज मे कला संकाय द्वारा एकदिवसीय स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं के लिए वेबिनार आयोजित किया गया। प्राचार्या डॉ. अपर्णा शर्मा ने बताया कि स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं के लिए रोजगार के अवसर और संभावनाएं विषय पर वेबिनार आयोजित किया गया जिसमें मुख्य वक्ता डॉ. इन्द्रसिंह राठौड़, डॉ. गजेन्द्रसिंह चारण और डॉ. सम्पतलाल रेगर थे। डॉ. इन्द्रसिंह राठौड़ ने बताया कि आज का विद्यार्थी पढ़ाई में होशियार होने के बाजूद भी भटकाव व दिशाहीन है उसे सही दिशा में ले जाना ज्यादा जरूरी है। विषय चयन में सावधानी, निरंतर प्रयास व नेटवर्किंग और समय का सदुपयोग करते हुए विद्यार्थी सफलता प्राप्त कर सकता है। े डॉ. राठौड़ ने समाजशास्त्र विषय में स्नातकोत्तर के बाद छात्र-छात्राएँ समाज सेवा संबंधी कार्य, शिक्षण कार्य, गैर सरकारी संगठनो (एनजीओ) सीएसआर इत्यादि में अपना भविष्य बना सकते है। डॉ. गजेन्द्रसिंह चारण ने भूगोल विषय पर व्याख्यान देते हुए बताया कि छात्र-छात्राएं स्कूली शिक्षा में प्राध्यापक, कॉलेज शिक्षा में सहायक आचार्य, सह आचार्य, आचार्य, भौगोलिक सूचना तन्त्र विश्लेषक, नगर नियोजक, मौसम वैज्ञानिक, जलवायु वैज्ञानिक, आपदा प्रबन्ध ऑफिसर, सर्वेयर, मानचित्रकार, डिजीटल मानचित्रकार इत्यादि क्षैत्रों में अपना भविष्य बना सकते है। डॉ. सम्पत लाल रेगर ने ‘‘हिन्दी भाषा में रोजगार के अवसर और संभावनाएं’’ विषय पर बोलते हुए हिन्दी को अन्तर्राष्ट्रीय भाषा कहा और विश्व की दूसरी सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषा बताया। उन्होनें हिन्दी भाषा में रोजगार के अवसर बताते हुए कहा कि हिन्दी में विद्यालय एवं महाविद्यालय पर शिक्षक, अनुवादक, बैकिंग, रेलवे में राजभाषा अधिकारी, हिन्दी अधिकारी, निदेशक राजभाषा, सहायक निदेशक राजभाषा, उपनिदेशक राजभाषा, पत्रकारिता, मीडिया, दुभाषिया, रचनात्मक लेखन, उच्चायुक्त, दूतावास, बाजारवाद, विज्ञापन, पर्यटन, काल सेंटर इत्यादि में अपना भविष्य बना सकते है। डॉ. अनुसुया उपाध्याय ने कार्यक्रम की रूपरेखा व वक्ताओं का परिचय दिया। धन्यवाद डॉ. ललिता राठौड़ ने किया। कार्यक्रम का प्रसारण गूगल मीट व युट्युब पर किया गया।