ओम पुरोहित की रिपोर्ट

मावली। पंचायत समिति मावली का चुनाव प्रतिदिन रोमांचक होता जा रहा है। आज दोपहर 3 बजे तक नामांकन वापसी का समय था उससे पूर्व ही पंचायत समिति मावली के वार्ड क्रमांक 06 से भाजपा प्रत्याक्षी धनकी बाई / पप्पूलाल गमेती ने नामांकन वापस लेकर मावली पंचायत समिति की राजनीति में भूचाल खड़ा कर दिया। जिससे मावली पंचायत समिति में राजनीतिक समीकरण इधर उधर हो गए। ज्ञात हो कि मावली पंचायत समिति में कुल 25 वार्ड है। जिसमे प्रधान पद के लिए 13 वार्ड की आवश्यकता होती है। 2010 की बात करें तो इस चुनाव में दोनों ही पार्टी भाजपा के 13 और कांग्रेस के 12 प्रत्याक्षी जीते जिस पर भाजपा से सुशील ओस्तवाल प्रधान बने। 2015 में एक बार वापस भाजपा के 12 और कांग्रेस के 13 प्रत्याक्षी विजय हुए। जिसके बाद जीतसिंह चूंडावत प्रधान बने। मावली पंचायत समिति में इस बार कांग्रेस का चुनाव पूर्व ही एक प्रत्याक्षी का निर्विरोध विजयी होना कांग्रेस के प्रत्याक्षियों के लिए शुभ संकेत दे रही है। इस प्रकरण के बाद मावली पंचायत समिति के बाहर भाजपा नेताओ व प्रत्याक्षीयो का जमावड़ा हो गया। जिसमें जिला महामंत्री चन्द्रगुप्त सिंह, पूर्व मावली मंडल अध्यक्ष दिनेश कावड़िया, मावली मंडल अध्यक्ष रोशनलाल सुथार, डबोक मंडल अध्यक्ष कुलदीप सिंह चूंडावत, घासा मंडल अध्यक्ष रतनसिंह झाला, रख्यावल सरपंच कानसिह राव, पलाना सरपंच नीतू जेन, खेमली सरपंच देवीलाल डाँगी, चंदेसरा सरपंच गोविंद सेवक, नउंवा सरपंच चमनलाल गमेती आदि ने उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन देकर बताया कि भाजपा के वार्ड क्रमांक 06 के प्रत्याक्षी को अज्ञात लोगों के द्वारा अगवा कर बहला फुसला व प्रलोभन देकर नामांकन वापस ले लिया जिसकी जांच की जावे। वार्ड क्रमांक 06 में स्थित नउंवा व चंदेसरा ग्राम पंचायत दोनो में ही इस वक़्त भाजपा समर्थित सरपंच है जिस कारण यहां से भाजपा प्रत्याक्षी का विजयी होना फाइनल मानकर आलाकमान चल रहे थे। इधर, निर्दलीय प्रत्याक्षी भमरी बाई / कमलेश गमेती ने भी नामांकन वापस लिया था आज। जिसके बाद कांग्रेस प्रत्याक्षी लालीबाई / विजयलाल गमेती निर्विरोध विजयी हुई।