विधवा की जमीन व मकान हड़पने का मामला

राजसमंद, चेतना भाट। उम्र दराज बेवा महिला के साथ विगत 5 वर्षों से कर रहे परेशानी को लेकर गामी बाई पत्नी स्वर्गीय हरिशंकर पालीवाल ने चारभुजा थाने में तीन बार शिकायत व एफआईआर दर्ज कराने के बावजूद भी फेसबुक व सोशल मीडिया पर अनर्गल खबरें डालकर विधवा को मानसिक ठेस पहुंचाए जाने का मामला सामने आया है। जिसमें चारभुजा निवासी भोलेश्वर पिता मोहनलाल पालीवाल व सत्यनारायण पिता भोलेश्वर पालीवाल ने विधवा वृद्ध महिला की जमीन व मकान हड़पने की नियत से लगातार परेशान किया जा रहा है। ज्ञांतव्य है कि भुलेश्वर पालीवाल के पिता मोहन लाल के चार भाई थे। जिसमें दो भाइयों के संतानें नहीं थी तथा विधवा वृद्धा के पति हरिशंकर पालीवाल की 10 वर्ष पूर्व मृत्यु हो गई थी जिनकी एक बेटी है। भोलेश्वर अपने पिता की मृत्यु के बाद चारों भाइयों की जमीन स्वयं के खाते करवा ली। जबकि विधवा वृद्धा रामी बाई को पूछा तक नहीं। वृद्धा की जमीन भी हड़प कर स्वयं के खाते करवा ली व वृद्धा को मकान से भी बेदखल करने के लिए बार-बार प्रताडि़त कर रहा है। जबकि इसकी बेटी बारिश है जो न्याय के लिए दर-दर भटक रही है। लेकिन पुलिस मेें एफआईआर दर्ज कराने के बावजूद भी दोनों बाप-बेटे द्वारा बेखौफ वृद्ध विधवा को परेशान किया जा रहा है।
आपराधिक प्रवृत्ति के बाप-बेटा
चारभुजा थाना अधिकारी टीना सोलंकी ने बताया कि दोनों बाप बेटे अपराधिक प्रवृत्ति के है। पहले भी दो बार 151 के तहत गिरफ्तार भी हो चुके है। दोनों शातिर बदमाश बार-बार पुलिस व प्रशासन तक को भी धमकियां देते रहते है। वहीं पुलिस पर भी सूचना के अधिकार के तहत बिना वजह उलझाने के प्रयास करता रहा है। विधवा वृद्धा जमीन छोडऩे के लिए तैयार है। लेकिन मकान हड़पने के बाद बेवा रेन बसेरा कहां करेगी। बेवा को उसके हिस्से की जमीन मिलनी चाहिए। यह राजस्व का मामला है और इसका न्यायालय के माध्यम से ही समाधान हो पाएगा। फेसबुक व सोशल मीडिया पर डालने समाचारों को लेकर विधवा हगामी बाई व उसकी बेटी गीता ने आमेट थाने में आरटीई के तहत मुकदमा दर्ज करवाया है फिर भी दोनों बदमाश प्रताडि़त करने से बाज नहीं आ रहे है।