करेड़ा में पूर्व सभापति पालीवाल ने सपरिवार लिया मुनिवृंदों का आशीर्वाद
राजसमंद, चेतना भाट। आदमी किसी भी क्षेत्र में कार्य करें उसमें ईमानदारी व नैतिकता होनी चाहिए। राजनीति भी एक सेवा का क्षेत्र, माध्यम एवं साधन है। राजनीति में नैतिकता के प्रति निष्ठा रहें, मानव के प्रति मानवता की भावना रहें, किसी के प्रति घृणा नहीं सब के प्रति मंगल भावना, अहिंसा, अनुकम्पा की भावना रहे तो राजनीति के माध्यम से भी आदमी सच्ची सेवा कर सकता है। यह उद्बोधन करेड़ा स्थित मोडीलाल राजेश गांधी के निवास स्थान पर बिराजित आचार्य महाश्रमण के शिष्य शासन मुनि हर्षलाल स्वामी ने पूर्व सभापति आशा पालीवाल को अपने परिजन सहित मुनि के दर्शनार्थ आगमन पर प्रेरणा पाथेय के रूप में प्रदान किए। इस दौरान मुनि ने अपनी भागवत गीता के 18 अध्यायों की सूक्ष्म हस्तलिपि पूर्व सभापति पालीवाल को प्रदान की। पूर्व सभापति पालीवाल ने अपने परिजन दाऊलाल पालीवाल, रामचन्द्र, पुत्रवधु राखी पालीवाल, सुपौत्री जिज्ञासा के साथ मुनिवृंद के दर्शन कर हर्ष का अनुभव करते हुए कहा कि व्यक्ति अगर दृढ़ निश्चय कर ले तो उसका संकल्प पूरा हो ही जाता है। उनका संकल्प भी आज मुनिवृन्द के दर्शन कर पूर्ण हुआ। करेड़ा तेरापंथ सभा मंत्री लादूलाल मेड़तवाल, सहमंत्री महावीर मेड़तवाल, ज्ञानशाला संयोजिका पुष्पा मेड़तवाल, ज्ञानशाला प्रशिक्षका मीना आच्छा, लता भलावत ने पूर्व सभापति आशा पालीवाल का स्वागत किया। पालीवाल के साथ ही भिक्षु बोधि स्थल राजसमंद पूर्व प्रचार मंत्री रोशनलाल कावडिय़ा, महिला मंडल पूर्व मंत्री मीनल कावडिय़ा ने मुनि के दर्शन किए। इस अवसर पर मुनि शांतिप्रिय सहित करेड़ा गांधी परिवार से मोड़ीलाल गांधी, राजेश गांधी, ललित गांधी, कांता बाई, लक्ष्मी, वंदना गांधी सहित कई श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित थे।