राजसमंद/चेतना भाट। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा.) के तहत ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के क्रियान्वयन के लिए परियोजना निर्माण पर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद राजसमंद डाॅ. दिनेश राय सापेला की अध्यक्षता में सोमवार को आॅनलाइन वेबिनार से प्रशिक्षण दिया गया। इसमें परियोजना निर्माण के लिए कचरे की गणना, परिवारों की संख्या अनुमानित ठोस कचरा उत्पादन, गीला कचरा, सूखा कचरा, सामुदायिक स्वच्छता परिसर, 5000 से कम जनसंख्या, ठोस एवं कचरा प्रबंधन 5000 से अधिक जनसंख्या, ग्रे वाटर प्रबंधन, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई, मल कीचड़ प्रबंधन, गोबरधन प्रोजेक्ट, घर-घर कचरा एकत्रिकरण, सार्वजनिक स्थलों पर कचरा एकत्रिकरण, कम्पोस्ट पिट, ट्राई साइकिल एवं अन्य वाहनों से कचरा एकत्रिकरण, आॅपरेशन एवं मेमेन्टेनेन्स, सोक पीट, रेट्रोफिटिंग, नाली निर्माण आदि पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। डाॅ. सापेला ने सभी खण्ड समन्वयकों को सख्त निर्देश दिए कि 23 सितम्बर तक आपकी पंचायत समिति की समस्त ग्राम पंचायतों का प्लान तैयार कर उपस्थित होना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि प्लान में यदि संशोधन है तो 25 सितम्बर तक फाइनल प्रारूप तैयार करें। उन्होंने कहा कि 26 एवं 27 सितम्बर को सभी पंचायतों का प्लान एकजाई किया जाकर 28 सितम्बर को फाइनल किया जाना है। ऐसे में सभी टाइम लाइन अनुसार कार्य का संपादन करें। जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा.), नानालाल सालवी द्वारा आॅनलाइन प्रशिक्षण दिया जिसमंे स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा.) एवं 15वें वित्त आयोग से कराए जाने वाले समस्त कार्यों को ग्राम विकास योजना (जीपीडीपी) में आवश्यक रूप से शामिल किया जाना है एवं महात्मा गांधी नरेगा से अभिसरण किए गए कार्यों को महात्मा गंाधी नरेगा की कार्ययोजना में सम्मिलित किया जाना आवश्यक है। साथ ही इस कार्य योजना को ग्राम सभा से अनुमोदित करवाया जाना आवश्यक है। आॅनलाइन वेबिनार का संचालन का कार्य कपिल कुमार मेघवाल ने किया। इसमें जिले की समस्त पंचायतों से एसबीएम खण्ड समन्वयकों ने भाग लिया।