राजसमंद, चेतना भाट। दशनामी गोस्वामी समाज के चुनाव जिला मुख्यालय स्थित रामेश्वर महादेव मन्दिर परिसर में रविवार को सम्पन्न हुए। कोविड-19 को लेकर केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशो की पालना करते हुए चुनाव अधिकारी रोहित पालीवाल के निर्देशन में चुनाव सम्पन्न कराए गए। जिसमें अध्यक्ष पद पर दिनेशपुरी गोस्वामी एवं शम्भुपुरी गोस्वामी राजनगर (मातृकृण्डिया वाले) ने आवेदन किया। निर्वाचन पद्धति से हुए चुनाव में दिनेशपुरी गोस्वामी पिता अमृतपुरी गोस्वामी भारी मतों से अध्यक्ष पद पर विजयी हुए। नवनिर्वाचित अध्यक्ष दिनेशपुरी गोस्वामी ने अपनी कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए शम्भुपुरी गोस्वामी, राजनगर (मातृकुण्डिया वाले) को उपाध्यक्ष, शिवगिरी गोस्वामी को कोषाध्यक्ष, जसवन्तपुरी गोस्वामी को सचिव एवं अमृतपुरी गोस्वामी (फरारा), दिनेशपुरी गोस्वामी(राजनगर), किशनपुरी गोस्वामी (डिप्टी), रामपुरी गोस्वामी, तेजपुरी गोस्वामी को संरक्षक मनोनित किया।

भारतीय मजदूर संघ श्रमिक विरोधी कानूनों के विरोध में प्रदर्शन 28 को

राजसमंद। केन्द्र सरकार द्वारा पूर्व में निर्धारित श्रम कानूनों को समाप्त कर 4 नये कानून के प्रावधान किये है। जो श्रमिक हित में नहीं होने से भारतीय मजदूर संघ ने देश व्यापी आंदोलन के आव्हान पर  28 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। भामसं जिला महामंत्री फतहसिंह राव ने बताया कि भारत में श्रमिकों के लिए 44 श्रम कानून विभिन्न विषयों को लेकर के लागू है इनमें से अधिकांश कानून आजादी से पूर्व के हैं इनमें से कई कानून के प्रावधान आज की परिस्थिति के अनुसार संशोधन किया जाना आवश्यक लगता है तथा इनकी संख्या सीमित हो ऐसा भी आवश्यक लगा। इसके लिए श्रमिक नियोक्ता एवं सरकार तीनों की ही मांग रही कि श्रम कानूनों को युक्ति संगत आज की परिस्थिति के अनुसार बनाया जाना चाहिए। इन 44 कानूनों को मिलाकर विषयों के अनुसार 4 श्रम संहिता केंद्र सरकार द्वारा पारित की गई है। जिसमें वेज कोड, सोशल सिक्योरिटी कोड, ऑक्यूपेशनल सेफ्टी एवं हेल्थ कोड तथा आईआर कोड। इनमें से वेज कोड में किए गए अधिकांश प्रावधान श्रमिकों के लिए हितकारी होने के कारण भारतीय मजदूर संघ ने इस कोड का समर्थन किया है। अन्य श्रमिक संगठनों द्वारा इस कोड का विरोध किया जाना राजनीति से प्रेरित है। परंतु अन्य संहिताएं जिनमें आईआर कोड विशेष रूप से उल्लेखनीय है में किए गए अधिकांश प्रावधान श्रमिक विरोधी है तथा देश में श्रमिक आंदोलन करने का निर्णय लिया गया।