मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सहित विभिन्न गतिविधियों पर वीसी

राजसमंद, चेतना भाट। कोविड-19 महामारी के नियंत्रण, मौसमी बिमारीयों की रोकथाम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न विभागीय गतिविधियों के संबंध में प्राप्त डेटा रिर्पोट्स एवं सूचनाओं की ब्लॉक एवं जिला स्तर पर व्यापक समीक्षा करें तथा विश्लेषण के बाद कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई करें। यह निर्देश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोड़ा ने विडियो कॉन्फ्रेंन्स के माध्यम से विभाग के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय सभी अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा की सभी गतिविधियों की फिल्ड से सूचनायें इक_ा करना एवं उन्हें राज्य स्तर तक पहुंचाना ही पर्याप्त नहीं है। प्रत्येक विभागीय गतिविधि के संबंध में प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण एवं समीक्षा कर कार्रवाई करनी है तथा प्रगति सुनिश्चित करनी है।

उन्होंने कहा की होम आईसोलेशन वाले कोरोना पॉजिटिव संक्रमितों को कम से कम 3 बार घर जाकर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से परामर्श दिया जाएं। जिससे कोरोना पॉजिटिव संक्रमित को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो। जिला स्तर से कॉन्फ्रेंस में सीएमएचओ डॉ. जेपी बुनकर, आरसीएचओ डॉ सुरेश मीणा, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. ललित पुरोहित, डॉ. कैलाश भारद्वाज, डीपीएम आशीष दाधीच, डीपीएम अरबन कृष्णकांत वसीटा, डीएनओ विनित दवे, आशा समन्वयक हरिशंकर शर्मा उपस्थित थे।


प्रसवों की सूचना भी निरंतर लेने तथा अद्यतन करने की आवश्यकता

कॉन्फ्रेंस में एनएचएम के राज्य मिशन निदेशक एवं विशिष्ठ शासन सचिव नरेश ठकराल ने कोविड 19 को लेकर जिला वार विस्तार से समीक्षा की तथा जिला स्तरीय अधिकारीयों को किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तुरंत राज्य स्तर पर सूचित करने के लिए निर्देशित किया। प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर राज्य परियोजना निदेशक डॉ. तरूण चौधरी ने राजसमंद वीसी रूम से ही प्रदेश के सभी जिला व ब्लॉक के चिकित्सा अधिकारियों को संबोधित करते हुए कोविड के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम को सुचारू संचालन को लेकर विस्तार से जानकारी दी। जननी सुरक्षा योजना तथा राजश्री योजना से सम्बन्धित आमजन की शिकायतो को लेकर उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारीयों को फिड बैक दिया तथा कहा की इससे संबंधित सूचनाएं पोर्टल पर इन्द्राज कराएं जिससे शिकायतों को कम किया जा सके तथा जिला स्तर पर ऐसी शिकायतो के निस्तारण के लिए सजग रहने के लिए निर्देशित किया। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत उन्होंने दूरस्थ ग्रामीण क्षैत्र में निवासरत गर्भवती महिलाओं को पीएचसी व सीएचसी पर मोबिलाइज करने की आवश्यकता जताई जिससे प्रसव का अच्छा प्रबंधन किया जा सके।