राजसमंद, चेतना भाट। मुख्य कार्यकारी अधिकारी निमिषा गुप्ता की अध्यक्षता में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा) के अतंर्गत ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के क्रियान्वयन के लिए परियोजना निर्माण पर पूर्व में एक दिवसीय आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन मंगलवार को जिला परिषद के सभागार में किया गया। गुप्ता ने कार्यशाला में समस्त विकास अधिकारियों को प्रत्येक पंचायत समिति के 5-5 गांवों का चयन कर उनका विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर पावर पॉईंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से प्रस्तुतीकरण किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने समस्त विकास अधिकारियों द्वारा गांवों का चयन कर उनमें पीआरए ट्रांजेक्ट वॉक आदि किया एवं स्थानीय समस्याओं का चयन कर उनका समाधान ग्रामीणों के साथ मिलकर किए जाने का प्लान तैयार किया। बैठक में सभी विकास अधिकारियों द्वारा चयनित गांवों की डीपीआर का प्रस्तुतीकरण किया गया जिसमें पाई गई कमियों को दूर कर पुन: सुधार करने के भी निर्देष दिए।

प्रस्तुतीकरण के मुख्य बिन्दु

विकास अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतीकरण में लिक्विड वेस्ट मेनेजमेंट में नाली की सफाई, नाली मरम्मत एवं निर्माण, व्यक्तिगत सॉक पिट निर्माण, सामुदायिक सॉक पिट निर्माण, लिच पिट निर्माण, मेजिक पिट निर्माण, किचन गार्डन एवं सॉलिड वेस्ट मेनेजमेंट में आरआरसी के लिए भूमि चयन कचरा पात्र, एकत्रित कचरे को हटाना, वर्मी कम्पोस्ट, विभिन्न प्रकार के कचरों के निस्तारण के उपाय आदि की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। जिला समन्वयक एसबीएम नानालाल सालवी ने बताया कि ग्राम के परिवारों की संख्या, अनुमानित ठोस कचरा उत्पादन, गीला कचरा, सूखा कचरा, सामुदायिक स्वच्छता परिसरए 5 हजार से कम जनसंख्या, ठोस एवं कचरा प्रबंधन 5000 से अधिक जनसंख्या, ग्रे-वाटर प्रबंधन, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई, मल कीचड़ प्रबंधन, गोबरधन प्रोजेक्ट, घर-घर कचरा एकत्रिकरण, सार्वजनिक स्थलों पर कचरा एकत्रीकरण, कम्पोस्ट पिट, ट्राई साइकिल एवं अन्य वाहनों से कचरा एकत्रिकरण, ऑपरेशन एवं मेन्टेनेन्स, सोक पीट, रेट्रोफिटिंग, नाली निर्माण आदि पर जानकारी दी गई। जिससे इन बिन्दुओं को डीपीआर में सम्मिलित कर बेहतर कार्य योजना का निर्माण किया जा सके। इस अवसर पर जीएस एक्सपर्ट वाटरशेड कोनिका पालीवाल ने केएमएल फाईल बनाने एवं गुगल अर्थ-प्रो पर अपलोड करने की विधि के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। संचालन एवं समन्वय वरिष्ठ सहायक मुकेश जाटव एवं एबीएम कपिल कुमार ने किया। कार्यशाला में विकास अधिकारी भुवनेश्वरसिंह चौहान, रमेशचन्द्र मीणा, राकेश पुरोहित, बीएल विश्नोई, नवलाराम चौधरी, नीता पारीक, दलपतसिंह सहित सम्बंधित कर्मचारी एवं अधिकारियों ने भाग लिया।