राजसमंद, चेतना भाट। विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक राजसमंद झील में एक प्रवासी पक्षी साईबेरियान सारस का शव झील के किनारे स्थित अम्बा माता घेवर माता मंदिर के नीचे पानी में तैरता हुआ मिला। इस पर महाराणा राजसिंह पैनोरमा से नारायण राजसमंद, जिला क्रिकेट संघ के गिरीराज सनाढ्य, प्रशांत चौधरी, साहिल अंसारी, भंवर लाल, बाबू पूरी, रोहित प्रजापत आदि ने साइबेरियन पक्षी के सबको जाल काटकर बाहर निकाला और वन विभाग के आला अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। प्रवासी पक्षियों की हो रही मौत पर चिंता व्यक्त करते हुए रोक लगाने के साथ ही शिकारियों से झील की सुरक्षा व संरक्षण की माँग की। वन विभाग वन्य जीव जिला अधिकारी को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर डीएफओ फतेहसिंह राठौड़ ने टीम भेज कर साइबेरियन सारस पक्षी के शव को अपने कब्जे में लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा व संरक्षण के उचित एवं कठोर कदम अपनाने के लिए कहा।

नहीं रूकता अवैध मत्स्याखेट

राजसमंद झील के किनारे हर रोज असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध रूप से झील में जाल बिछकार मत्स्याखेट किया जा रहा है। लेकिन प्रशासन की ओर से इन पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। जिससे अवैध मत्स्याखेट करने वालों के हौंसले बूलंद होते जा रहे है। झील के किनारे के कई ईलाकों में अवैध रूप पानी में जाल फैला दिए जाते है। यह कार्य अधिकतर रात्रि के समय किया जाता है। वहीं कई बार दिन में भी कुछ लोगों को झील में मछली पकडऩे का कांटा डालकर मत्स्याखेट करते देखा जा सकता है। लेकिन कोई भी इनके खिलाफ मूंह खोलने या इन्हे रोकने की हिम्मत नहीं कर पाता। क्योंकि कोई भी आमजन इन्हें अवैध मत्स्याखेट करने से रोकता है तो उल्टा उन्हीं पर हमला बोल देते है। प्रशासन की ओर से राजसमंद झील के किनारे कुछ होमगार्ड को भी तैनात किया गया लेकिन उसके बावजूद भी लगातार झील में अवैध मत्स्याखेट जारी है जिससे कई अन्य जलीय जीव व प्रवासी पक्षी पानी के बिछाए जाल में फंसकर या तो घायल हो जाते है या फिर मारे जाते है।