राजसमंद, चेतना भाट। जल जीवन मिशन के तहत जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की प्रथम बैठक सोमवार को जिला कलेक्टर कार्यालय में जिला कलक्टर अरविन्द कुमार पोसवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें पोसवाल ने कहा कि जल जीवन मिशन सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। जिसके तहत एक मिशन के रूप में कार्य करते हुए साल 2024 तक हर घर में पाईप के द्वारा पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति का गठन कर अधिकाधिक लोगों को लाभांवित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि मिशन सफल बनाने के लिए जल्द से जल्द समस्त गांव में ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति का पुनर्गठन कर 5 नए सदस्य जोड़े जाएंगे। इसके लिए ग्रामीण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जलदाय विभागए महिला एवं बाल विकास विभाग, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग तथा जनप्रतिनिधियों के साथ आपसी समंवय बनाकर मिशन को कामयाब बनाएंगे। इस दौरान सीईओ निमिषा गुप्ता ने ग्राम पंचायत द्वारा संचालित संधारित ग्रामीण जल योजना के जल संबंधों की सूचना आईएमआईएस पोर्टल पर ऑनलाईन करने तथा ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के पुनर्गठन तथा ग्राम सभा में अनुमोदन के लिए विकास अधिकारी के साथ सहायक अभियंता के समंवय से किए जाने के लिए निर्देशित किया। पीएचईडी अधीक्षण अभियंता एवं मिशन सदस्य सचिव शैतानसिंह ने बताया कि मिशन की सफलता के लिए यह परिकल्पना की गई है कि समुदाय ही जलापूर्ति अवसंरचना की आयोजना, क्रियान्वयन प्रबंधन एवं संचालन और रखरखाव में मुख्य भूमिका निभाएगा।

1365 युवाओं को किया जाएगा प्रशिक्षित

राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम चयनित प्रशिक्षण प्रदाताओं के माध्यम से प्लम्बिंग, इलेक्ट्रीशीयन एवं फीटर ट्रेड में जिले के 1365 युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रति टे्रडढ में 455 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। आगामी दिनों में राजस्थान कौशल एवं आजिविका विकास निगम और पीएचईडी का वाटर सेनिटेशन स्पोर्ट ऑर्गेनाईजेशन राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन राजस्थान जिले में यह प्रशिक्षण आयोजित करवाएगा। इससें प्लम्बिंग, इलेक्ट्रीशीयन एवं फिटर जैसी आधारभूत सेवाओं के सेवा प्रदाताओं का नितांत अभाव के चलते ग्रामीण अचंल के लोगों को शहरों की ओर रूख करना पड़ता है। जल जीवन मिशन में ग्रामीण व स्थानीय युवाओं को इन क्षेत्रों में आधारभूत प्रशिक्षण दिया जाएगा।