महादेव ने सजाया अलौकिक दरबार
शहर के नीलकंठ महादेव मंदिर में हुआ अद्भुत आयोजन

उदयपुर/राजसमन्द।। घना जंगल, घनघोर घटाएं, शेर चीतों की चीखती दहाडों के बीच कलकल करते झरनों से कलकल बहती गंगा के बीच महादेव ने अपना अद्भुत दरबार सजाया। ओर ऐसी धूणी रमाई की चहुँओर भोले के जयकारें गूंज उठे। मौका था शहर के यू आई टी फतहसागर मार्ग स्थित नीलकंठ महादेव के अद्भुत श्रृंगार का। साल के प्रथम सोमवार को नीलकंठ महादेव का अद्भुत दरबार सजा।घने जंगल में महादेव ने अपने भक्तों को दर्शन दिये। भक्त और भगवान का यह अद्भुत मिलन अलौकिक दृश्य अंगीकार कर रहा था। इस भव्य कार्यक्रम के आयोजक बजरंग दल महानगर संयोजक लव श्रीमाली ने बताया कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से मुक्ति प्रदान करने के लिए महादेव से विशेष अर्ज के साथ यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था । सम्पूर्ण मंदिर को एक जंगल की थीम पर सजाया गया था । महादेव के विशेष श्रृंगार के लिए विदेशों से फूल मंगवाए गए थे जिनसे महादेव के अनुष्ठान हुए। साथ ही प्रत्येक दर्शनार्थी को जड़ीबूटी निर्मित काढ़े ओर खीर का प्रसाद वितरित किया गया। महादेव के दर्शन नीलकंठ महादेव के ऑफिसियल फेसबुक पेज पर लाइव भी हुए  लाखों दर्शनार्थीयों ने घर बैठे इसका अनुपम लाभ उठाया

दमक रहा था मुखारविंद


भोलेनाथ को जल-दूध, दही और चंदन से स्नान के बाद पंचामृत पूजन किया गया। शाम को महाआरती हुई। देवादिदेव के गले में पुष्पों का हार सुशोभित था, तो त्रिपुंड व त्रिनेत्र से मुखारविंद दमक रहा था। राजाधिराज  का मनभावन शृंगार हुआ। चंदन से आकर्षक स्वरूप बनाया गया, भक्तों ने इस निराले रूप के दर्शन किए तो पूरा मंदिर जयकारों से गूंज उठा।

सेनेटाइजर टनल से हुआ भक्तों का प्रवेश


महादेव के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं ने सबसे पहले सेनेटाइजर टनल में प्रवेश किया और स्वयं को सेनेटाइजर किया उसके बाद निज मंदिर में प्रवेश दिया गया।