गणतंत्र दिवस : मुकेश ने वो कर दिखाया जिस पर हमें नाज हो

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  • फतहसागर में कूदकर सोहेल नाम के युवक की जान बचाने वाले मुकेश वैष्णव का स्पेशल इंटरव्यू सिर्फ दी उदयपुर अपडेट्स पर
  • उदयपुर, 25 जनवरी का दिन यानी की गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या। संध्या काल का समय था और सूर्य अपने अस्ताचल मार्ग की तरफ लौटे का मानस बना रहा था। शाम पांच बजे अचानक फतहसागर की पाल यानी देवाली छोर से फतहसागर फिश क्वेरियम के बीच छतरी के पास एक युवक अचानक फतहसागर में कूद गया। मौसम ठंडा था मगर फतहसागर पाल लोगों से गुलजार थी। इधर, जैसे ही छतरी के पास किसी के कूदने की आवाज सुनाई दी किसी ने जोर से आवाज लगाई रे वो छोरा गिर रहा है, बचाओ बचाओ। तभी इसी पाल पर पिछले पंद्रह सालों से खिलौने बेचने वाला मुकेश आया और आव देखा न ताव, तुरंत उतारे कपड़े और दे छलांग फतहसागर में। लोग कुछ समझ पाते इतने में तो मुकेश कूदने वाले युवक को बाहर लेकर आ गया। बाद में पता चला मुकेश खिलौने बेचता है और ४० प्रतिशत विकलांग है। इस विकलांगता के बावजूद मुकेश ने अपना धर्म निभाया और युवक की जान बचाई। मुकेश नीमच माता स्कीम का रहने वाला है और २५ साल का युवक है। इसकी बहादूरी देखकर हर कोई आज फतहसागर पर उसको बधाई देने और शाबाशी देने आया। एक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ स्पेशल मुकेश को बधाई देने वहां आया। दोनों पति-पत्नि ने मुकेश वैष्णव की खूब तारीफ की। मुकेश ने बताया कि युवक को बचाने में होम गार्ड विष्णु ने भी मदद की। बाद में पता चला कि कूदने वाला युवक सोहेल है जो सवीना का रहने वाला है। जिसे पुलिस फतहपुरा चौकी से आई पुलिस अंबामाता थाने लेकर आई। पुलिस पूछताछ में सोहेल के मानसिक तनाव की बात सामने आ रही है।

  • फतहसागर की पाल पर ही मिला मुकेश को पहला सम्मान

  • फतहसागर में डूबते हुए को बचाकर न केवल दोस्तों का बल्कि मुकेश ने लेकसिटी के बाशिंदों का दिल जीत लिया। हर कोई उसको बधाई और शाबाशी देने पहुंचा। मुकेश के ही दोस्त ने लाइव करते समय मुझे बताया कि हम सभी मित्र उनका सम्मान करना चाहते है इसलिए आप वहीं रूकिए। इस वजह मैं वहीं रूका रहा। फिर मित्रों की मंडली ने मुकेश का फतहसागर पर ही भावभीनी सम्मान किया। इसको पाकर मुकेश ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस दौरान अनूप औदिच्य, नंदकिशोर सोनी, प्रदीप औदिच्य, भूपेश सोनी, कपिल शर्मा सहित कई मित्र मौजूद थे।

  • बोला-बर्तन मांझकर मां ने पाला, उसी मां ने दी प्रेरणा

  • मुकेश से जब मैंने पूछा कि उनको ऐसे काम की प्रेरणा कहां से मिलती है तो बोला-मेरी मां ने हम तीन भाई बहनों को बर्तन मांझ मांझकर पाला है। उस मां ने हमको एक ही बात सिखाई है कि काम कोई सा भी हो, छोटा हो या बड़ा काम काम होता है। चोरी अन्याय की शर्म है बाकि हर काम कर चुका हूं। मां ने ही सिखाया कि हर नेक काम जीवन को ऊंचाइयों पर ले जाने का एक माध्यम है। आज मैंने जो जान बचाई है वो भी एक माध्यम ही बनाया है मुझको। करने और कराने वाला तो ईश्वर है। मुकेश ने बताया कि वो रस्सी और टायर हर वक्त अपने पास ही रखता है। इसके अलावा कोई भी नेक कार्य हो मुझे करना अच्छा लगता है। उसने बताया कि वो बीकॉम फाइनल ईयर कर चुका है। कई सारे कंपीटिशन दे चुका है मगर हर बार वंचित रहा।

  • चने-चोर गर्म वाला बोला-नेक बंदा है मुकेश

  • मैं जब मुकेश का इंटरव्यू लेने फतहसागर की पाल पर पहुंचा तो कई लोग एकत्रित हो गए। उनमें से अधिकतर वो लोग थे जो मुकेश के साथ मुकेश के जैसा ही काम करते थे। कोई पापड़ वाला, कोई गुडिय़ा का बाल वाला तो कोई चने चोर गर्म वाला। इनमें से एक चने चोर गर्म वाला बाबू बोला भाई साहब मुकेश बहुत नेक इंसान है। इसका दिल बहुत बड़ा है। शुद्ध शाकाहारी है। मंगलवार को हनुमानजी का व्रत रखता है और हर दिन की शुरुआत मछलियों को दाना पानी खिलाने के साथ करता है। मंगलवार के दिन स्पेशल वो ये सब करना नहीं भूलता है।

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