उदयपुर। पूर्व विधायक और मावली विधासनसभ क्षेत्र के कांग्रेस के दिग्गज नेता पुष्करलाल डांगी ने The Udaipur Updates को खास इन्टरव्यू दिया। पहले हम यें बता दें कि मावली पंचायत समिति में कुल 25 सीटें है इनमें से एक सीट पहले से ही कांग्रेस के खाते में आ चुकी है। भाजपा का आरोप है कि इस सीट के लिए कांग्रेस ने खरीद-फरोख्त की।

इससे पूर्व तीन बार लड़ चुके है विधायक का चुनाव

पूर्व विधायक पुष्करलाल डांगी 2008 में वर्तमान विधायक धर्मनारायण जोशी को हराकर विधायक बनकर विधनासभा पहुंचे थे। इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने पुनः 2013 में पुष्करलाल डांगी टिकिट दिया, जिसमें भाजपा से दलीचंद डांगी विजयी रहे। 2018 में कांग्रेस पार्टी से एक बार वापस पुष्करलाल डांगी ने टिकिट की मांग की लेकिन पार्टी ने उदयपुर देहात जिलाध्यक्ष पद पर 15 सालों से काबिज लालसिंह झाला को टिकिट थमा दिया। जबकि भाजपा ने धर्मनारायण जोशी को दिया था। लालसिंह झाला ने आनन-फानन में मावली उपखंड अधिकारी के समक्ष कुछ कार्यकर्ताओं के साथ नामांकन भी दाखिल कर दिया था लेकिन दूसरी तरफ मावली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हंगामा खड़ा कर दिया। इधर, डांगी ने अपने करीबी हार्दिक पटेल (गुजरात) के साथ रातों-रात कांग्रेस के आलाकमान से चर्चा कर लालसिंह झाला का टिकिट कटवा दिया और पुष्करलाल डांगी को थमा दिया। इसके बाद 2008 कि तरह वापस भाजपा की ओर से धर्मानारायण जोशी और कांग्रेस की ओर से पुष्करलाल डांगी का सामना हुआ जिसमें तत्कालीन किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह चूंडावत ने भी भाजपा से टिकिट ना मिलने की वजह से नाराज होकर अपने स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए ताल ठोक दी। इसके बाद आलाकमान और मुख्यमंत्री पद की दावेदार वसुंधरा राजे सिंधिया के समझाने और धर्मनारायण जोशी व भाजपा के समस्त कार्यकर्ताओं ने मिलकर कुलदीप सिंह चूंडावत को मनाने में सफलता हासिल कर ली। चुनाव हुए तो कांग्रेस प्रत्याक्षी पुष्करलाल डांगी को हार का सामना करना पड़ा। फिलहाल चलते है पंचायत समिति सदस्य और प्रधान के प्रबल दावेदार एवं पूर्व विधायक पुष्करलाल डांगी से बात करने।

हमारे सवाल और पुष्करलाल डांगी के जवाब

सवाल: जो हवाएं चल रही है उसके हिसाब से क्या आप खुद को प्रधान पद का दावेदार मानते है

जवाब: देखो अभी राजस्थान में कांग्रेस का राज है। हमारे यहां कमेटी जो निर्णय लेगी वो मुझे मंजूर है।

सवाल: आप परिवार की गाड़ी को आगे बढ़ा रहे है। आपने अभी अपने बेटे को डमी केंडिडेट के रूप उतारकर ये सिद्ध कर दिया है कि आप परिवारवाद कर रहे है।

जवाब: मैंने मेरे बेटे का नामांकन डमी उम्मीदवार के रूप में इसलिए भरा ताकि किसी कारणवश नामांकन निरस्त होने पर उनका नामांकन काम आ सके।

सवाल: विधानसभा चुनाव में कुल 63 सीटें है और पंचायत समिति में सिर्फ एक, ऐसे में आप इस रण को कैसे देखते है

जवाब: जहां से मैं चुनाव लड़ रहा हूं वो मेरी होम पंचायत है। यहां मैं 30 साल से सेवा कर रहा हूं। लोगों के सुख और दुख में शामिल होता हूं, जो भी बन पड़ रहा है काम कर रहा हूं। ऐसे में मुझे विश्वास है कि लोग मेरे साथ है।

सवाल: यहां 25 सीटें है और एक सीट कांग्रेस के खाते में आ चुकी है। ऐेसे में आरोप है कि एक सीट को आपने धनबल बाहुबल से हासिल की है।

जवाब: आरोप लगाना सबका अधिकार है। उसकी जांच करवा लें। मेरे ऊपर झूठा आरोप है। नामांकन उठाने वाला उम्मीदवार कांग्रेस का था और उसने अपनी इच्छा से फाॅर्म उठाया।

सवाल: अगर उम्मीदवार ये कह दें कि आपने दबाव बनाकर नामांकन उठाया तो क्या होगा

जवाब: मैं राजनीति छोड़ दूंगा। जीवन में कभी राजनीति नहीं करूंगा। मैंने बात भी नहीं की उससे। झूठे आरोप राजनीति में खूब लगते है।

सवाल: आपने हार्दिक पटेल के साथ मिलकर कांग्रेस के आलाकमान पर दबाव बनाया और देहात जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला का टिकट कटवाया

जवाब: मैं टिकट क्यों कटवाऊंगा। लालसिंह जी मेरे अच्छे मित्र है।

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