खमनोर। अन्नदाता किसानों पर जबरन थोपे गए कृषि कानून को वापस लेने के संबंध में सोमवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी खमनोर के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के तहसीलदार सोहन लाल शर्मा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि अन्नदाता किसानों पर जबरन थोपे गए कृषि कानून को लेकर किसानों में आक्रोश है भीषण सर्दी के बीच देश के किसान दिल्ली की सरहदो पर बैठे हुए हैं विगत 45 दिनों से किसान आंदोलन को लेकर देश के किसानों में बेचैनी का माहौल है आंदोलन को लेकर कई किसान शहीद हो गए हैं उसके बावजूद भी सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है देश में होने वाले 25-30 लाख करोड़ रुपए के कृषि व्यवसाय को सरकार चंद पूंजी पतियों के हाथों में देने को अड़ी हुई है कृषि कानूनों से देश के 80 प्रतिशत लोग प्रभावित होंगे। किसानों की फसल और खाद्यान्न भंडारण में छूट देने से पूंजीपति खाद्यान्न का निर्यात करेंगे जिससे देश में खाद्यान्न की समस्या उत्पन्न हो सकती है इन कृषि कानूनों के माध्यम से फूड सिक्योरिटी एक्ट राशन प्रणाली एमएससी आदि समाप्ति की कगार पर पहुंच जायेगे। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद बंद होने से मंडी व्यापार पूर्णतया समाप्त हो जाएगा, जिससे इस कारोबार से जुड़े हजारों मजदूर व कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर पड़ेगा। इस दौरान ब्लाक अध्यक्ष प्रतापसिंह पंवार, जिप सदस्य कुक सिंह उठड़, प्रधान भेरूलाल विरवाल, उप प्रधान वैभवराज सिंह चौहान, पंस सदस्य चन्द्रशेखर पालीवाल, गुंजोल सरपंच किशन गायरी, सेमा सरपंच संदीप श्रीमाली, धर्मनारायण पुरोहित, पूर्व प्रधान पुरुषोत्तम माली, सुमेरसिंह, कुठवाँ सरपंच शम्भूसिंह कडेचा, तेजसिंह सौलंकी, अकबर खान पठान, इशाक ताजक, कृष्णकांत माली सहित कार्यकर्ता मौजूद थे।