राजसमंद, चेतना भाट। भारतीय किसान सभा के आह्वान पर मंगलवार को राजस्थान किसान सभा की ओर से भारत बंद का समर्थन करते हुए सरकार द्वारा लागू किए गए नए कृषि कानून को तुरंत प्रभाव से वापस लेने एवं किसानों की मांगों को लेकर जिला कलक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि किसान विरोध नए कृषि कानून के विरोध में पूरे देश में किसानों द्वारा आंदोलन का किए जा रहे है। इसी को लेकर मंगलवार को भारत बंद का भारतीय किसान सभा समर्थन करती है एवं मांग करती है कि सरकार द्वारा लागू किए गए नये कानून को वापस लिया जाए एवं किसानों के साथ बैैठकर वार्ता कर किसानों की समस्याओं का निराकरण किया जाए। इस अवसर पर राज्य परिषद सदस्य कामरेड मोतीसिंह राठौड़, राजसमंद तहसील अध्यक्ष शंकरलाल सालवी, नाथद्वारा तहसील अध्यक्ष कामरेड योगेन्द्रसिंह राव, समाजसेवी प्रकाश सालवी आदि उपस्थित थे।

कानून रद्द करने की मांग

किसान विरोधी कृषि बिल के विरोध में मानव केन्द्रित जन आंदोलन से सोहनलाल रेगर, लोक अधिकार मंच से सीए दिनेशचन्द्र सनाढ्य एवं महिला मंच से शकुंतला पामेचा की ओर से जिला कलक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप कृषि बिल को रद्द करने एवं नया कानून बनाने मांग की जिसमें एमएसपी पर कृषि उत्पाद अनिवार्य रूप से खरीदे जाने की भी मांग रखी। इस अवसर पर विष्णु जोशी, संगीता चौधरी, गोपीलाल रेगर, सोनू वैष्णव, यशोदा, जमना चौहान आदि उपस्थित थे।

बहुजन क्रांति मोर्चा ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

बहुजन क्रांति मोर्चा चारभुजा तहसील के किसानों ने तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप नए कृषि बिल को इसे किसान विरोधी कानून बताया। ज्ञापन में बताया कि केंद्र सरकार इस कानून को बनाकर किसानों पर कुठाराघात कर रही है। इस कानून को तुरंत प्रभाव से हटा कर किसान हित में इसे तत्काल रद्द करने की मांग की है। इस अवसर पर बहुजन क्रांति मोर्चा तहसील अध्यक्ष लक्ष्मणलाल गुर्जर के साथ कई किसान मौजूद थे।