नाथद्वारा से दरियाव सिंह

नाथद्वारा। नगर में कोरोना का खतरा इतना भयंकर बना हुआ है कि मानो हर चीज में कोरोना का खोफ नजर आ रहा है। हर चीज में यूँ लग रहा है जैसे इसमें कोरोना तो नहीं घुस गया। प्रशासन फूंक फूंक कर तो लोग सहमे सहमे पैर धर रहे है। वहीं दूसरी ओर लोग ऐसी ऐसी लापरवाही कर रहे है जैसे उनका शरीर कोरोना प्रूफ है और उनसे कोरोना न पनप सकता है न फैल सकता है। दरअसल हुआ ये कि प्रशासन ने कोरोना संदिग्ध की मौत पर परिजनों को पीपीई किट पहनकर ही अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति का नियम बना रखा है। अब कोई परिजन अंतिम संस्कार में भाग तो लेता है मगर जैसे ही अंतिम संस्कार हुआ नहीं कि किट को इधर उधर फ़ेंककर रवाना हो रहे है। जबकि उनको पता होना चहिए कि इस तरह की लापरवाही आमजन के लिए खरतनाक साबित हो सकती है।अज्ञात लोगों ने खुले में फेंके पीपीई किट, संक्रमण का है खतरा

ऐसी लापरवाही तो मत करो नाथद्वारा के बाशिंदों, भगवान तुम्हे माफ नहीं करेगा

चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि चिकित्सालय से जाने वाला दल सावधानी से अंतिम संस्कार करवाने तक वही रुकता है लेकिन उसके बाद किसी परिजन ने पीपीई किट वहाँ छोड़ दिया होगा। जिसकी जानकारी उन्हें नही थी। लोगों को संक्रमण के प्रति जागरूक होना चाहिए। इस प्रकार के कृत्य से वे दूसरों की जान कोखतरे में डाल रहे है। आगे से चिकित्सा दल द्वारा अंतिम संस्कार के बाद परिजनों के पीपीई किट को भी व्यवस्थित रूप से नष्ट किया जाएगा।

चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि चिकित्सालय से जाने वाला दल सावधानी से अंतिम संस्कार करवाने तक वही रुकता है लेकिन उसके बाद किसी परिजन ने पीपीई किट वहाँ छोड़ दिया होगा। जिसकी जानकारी उन्हें नही थी। लोगों को संक्रमण के प्रति जागरूक होना चाहिए। इस प्रकार के कृत्य से वे दूसरों की जान को भी खतरे में डाल रहे है। आगे से चिकित्सा दल द्वारा अंतिम संस्कार के बाद परिजनों के पीपीई किट को भी व्यवस्थित रूप से नष्ट किया जाएगा।

खुले में फेंके पीपीई किट, संक्रमण का खतरा