उदयपुर। सार्वजनिक प्रन्यास मंदिर श्री महाकालेश्वर शनिवार को राज्य सरकार से प्राप्त निर्देशानुसार आम दर्शनार्थियों के लिए खोला गया। पहले दिन जैसे ही लोगों को सोशल मीडिया के जरिया मंदिर खुलने की सूचना मिली श्रद्धालु मंदिर दर्शन करने आए। प्रन्यास के सचिव चन्द्रशेखर दाधीच ने बताया कि 15 दिसम्बर को मंदिर खोलने के लिए एडीएमसीटी व देवस्थान कमिश्नर को प्रन्यास की ओर से पत्र दिया गया था। मंदिर प्रांगण बड़ा होने के कारण प्रशासन ने कोरोना गाइड लाइन के तहत व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासनिक फेरबदल के कारण प्रशाासनिक आदेश आने में कुछ समय लग गया जिसके कारण मंदिर खोलने में देरी हो गई। पूर्व में न्यायालय द्वारा भी यही आदेश दिया गया था कि मंदिर में पूरी तैयारियों के साथ ही दर्शन खोले जाएं। मंदिर प्रबंध समिति की बैठक व जिला कार्यालय मजिस्ट्रेट उदयपुर से प्राप्त अनुमति में उल्लेखित शर्तों व कोविड-19 से सुरक्षा के लिए मंदिर में किसी भी प्रकार की फूल-माला, प्रसाद, नारियल, जलाभिषेक, निज मंदिर में प्रवेश एवं किसी प्रकार की सामूहिक भजन कीर्तन मण्डली, पाठ आदि पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा रहेगा। मंदिर केवल दर्शनार्थ खोले गए है। मंदिर में रूकना या मंदिर बैठना पूर्णत: वर्जित रहेगा। मंदिर में प्रवेश से पूर्व दर्शनार्थी अपने हाथों को सेनेटाइज कर के ही प्रवेश दिया जाएगा। बिना मास्क के किसी भी भक्त को मंदिर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मंदिर में दर्शन का समय प्रात: 7 बजे से सायंकाल 7 बजे तक रहेगा। बैठक में ट्रस्ट उपाध्यक्ष महिम दशोरा, रमाकान्त अजारिया, एडवोकेट सुन्दरलाल माण्डावत, स्थानीय पार्षद लोकेश कोठारी, दीक्षा भार्गव, महिपाल शर्मा सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

महाकाल मंदिर खोलने की अनुमति देने पर रूद्रसेना व रूद्रवाहिणी का स्वागत

विश्वव्यापी फैली कोरोना महाकारी के कारण दिनांक 18 मार्च 2020 को सार्वजनिक प्रन्यास मंदिर श्री महाकालेश्वर के दर्शन आमजन के लिए लॉकडाउन के कारण बंद कर दिए थे जिसे आज जिला प्रशासन के द्वारा कोविड-19 की गाइड लाइन की शर्तों का पालन करते हुए मंदिर खोने की स्वीकृति प्रदान करने पर महाकाल रूद्रसेना व रूदवाहिणी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं द्वारा प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया गया है। रूद्रसेना व रूद्रवाहिणी द्वारा आम दर्शनार्थियों से अपील की गई है कि दर्शनार्थी कोविड -19 की पालना का पूर्ण पालन करेंगे। इसमें मास्क, सेनिटाईजर के साथ-साथ फूल-माला, नारियल चढावा आदि मंदिर में नहीं लाएंगे। दर्शन के दौरान सामाजिक दूरी का पूर्णत: ध्यान रखेंगे। बैठक में विनोद कुमार शर्मा, रमाकान्त अजारिया, महिपाल शर्मा, गोपाल लोहार, डी.एस.नागदा, लोकेश मेहता, शेषमल सोनी, चन्द्रवीर सिंह राठौड, यतीन्द्र दाधीच, ओम सोनी, स्कन्ध पण्ड्या, रमेश सोनी, लक्षित लोहार, जयेश शर्मा, देवांश शर्मा व रूद्रवाहिणी की ओर से दीक्षा भार्गव, प्रेमलता लोहार, एडवोकेट अल्का जोशी, दुर्गा शर्मा, मनीषा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।