• सीएमएचओं ने सैक्टर बैठको एवं चिकित्सा संस्थानो का किया औचक निरीक्षण
    राजसमंद/खमनोर। आशा और एएनएम स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी है और दूरस्थ ग्रामीण क्षैत्रों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ देने की जिम्मेदारी है जिसे मुस्तैद रह कर ही पूरा किया जा सकता है। सभी आशा एवं एएनएम को विभिन्न कार्यक्रमो लक्ष्यों का पता होना चाहिए, जिससें कार्यक्रमों को गति मिल सकें। यह निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रकाशचन्द्र शर्मा ने शिशोदा में आयोजित सैक्टर स्तरीय बैठक में उपस्थित आशाए एएनएम एवं अन्य कार्मिको को दिए। सीएमएचओं डॉ शर्मा ने सैक्टर बैठक में गांव वार संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, प्रसव पूर्व जांच, प्रसव पश्चात जांच, आशाओं द्वारा घर-घर भ्रमण, गैर संचारी रोगो की रोकथाम तथा मौसमी बिमारीयों की रोकथाम की तैयारी को लेकर विस्तार से समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने खमनोर ब्लॉक के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों का औचक निरीक्षण कर वहां दी जा रही चिकित्सा सेवाओं का अवलोकन किया तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
    10 बेड का एक वार्ड केवल कोविड-19 के मरीजों के लिए आरक्षीत हो
    शर्मा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झालो की मदार, खमनोर का निरीक्षण कर वहां भर्ती मरीजो से चिकित्सा सेवाओं को लेकर फिड बैक लिया। चिकित्सा अधिकारीयों को मरीजो के प्रति संवेदनशील रह कर उपचार करने तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने खमनोर में कोविड के लिए 10 बेड का एक वार्ड केवल कोविड-19 के मरीजों के लिए तैयार कर आरक्षीत करने के लिएं निर्देशित किया। उन्होंने चिकित्सा प्रभारीयों को संस्थानो में साफ-सफाई तथा चिकित्सकीय उपकरणो की क्रियाशिलता, मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के तहत संस्थान के स्तर के अनुसार दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए आमजन को लाभान्वित करने तथा नि:शुल्क जांच योजना के तहत सभी आवश्यक जांच की सुविधा संस्थान पर देने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने मौसमी बिमारीयों मलेरिया, डेेंगु, चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए ब्लड स्लाईड क्लेक्शन को बढ़ाने पर जोर के लिए तथा ग्रामीण क्षैत्रो में एन्टीलार्वल गतिविधियां सम्पादित करवाने के लिए चिकित्सा अधिकारी प्रभारीयों को निर्देशित किया। निरीक्षण के दौरान एपिडिमियोलोजिस्ट हरिश कुमार साथ में थे।
    डीप्टी सीएमएचओं ने किया निजी चिकित्सा संस्थानो का निरीक्षण
    सीएमएचओं डॉ प्रकाशचन्द्र शर्मा के निर्देश पर डिप्टी सीएमएचओं हैल्थ डॉ राजकुमार खोलिया ने जिले के निजी चिकित्सा संस्थानो औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कोविडि -19 के संक्रमण का पता लगाने के लिए की जाने वाली जांच एचआर सीटी चैस्ट जांच का शुल्क आमजन से राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दर से अधिक वसूली जा रहा है। जिस पर मौके पर ही चिकित्सा संस्थानो के प्रभारी एवं प्रबंधको को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दरो को सहज दृश्य स्थल पर प्रदर्शित करने तथा निर्धारित दरो पर ही जांच करने के लिए पाबंद किया गया।